कोलकाता 11 मई (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आज नवान्न में नवगठित सरकार की पहली कैबिनेट बैठक के बाद सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा पांच वर्ष बढ़ाने की घोषणा की। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार आश्वासन दिया था कि भाजपा सरकार बनने पर भर्ती प्रक्रिया की बाधाएं दूर की जाएंगी और लंबे समय से वंचित अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा। सत्ता में आते ही नई सरकार ने उस वादे को अमल में लाने की दिशा में पहला बड़ा कदम उठा दिया। तृणमूल शासन के दौरान लंबे समय तक भर्ती प्रक्रियाएं ठप रहने के कारण राज्य के लाखों नौकरी अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर प्रतियोगी परीक्षाओं से बाहर हो गए थे। नई सरकार के इस फैसले से ऐसे अभ्यर्थियों के लिए सरकारी नौकरी के दरवाजे एक बार फिर खुल गए हैं।
पहली ही कैबिनेट बैठक में इस फैसले के जरिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ संकेत दिया है कि रोजगार और पारदर्शी भर्ती उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन युवाओं को अवसर मिलने से पहले ही उम्र सीमा के कारण पीछे हटना पड़ा, उनके लिए यह पांच वर्ष की छूट संजीवनी साबित होगी। भाजपा ने चुनाव के दौरान जिन वादों को “गारंटी” बताया था, सरकार बनने के तुरंत बाद उन्हें लागू करने की शुरुआत भी कर दी गई है।
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