नई दिल्ली,11 मई (आरएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और 22 आरोपियों को ट्रायल कोर्ट से बरी करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी. इस मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा शर्मा की बेंच सोमवार को नहीं बैठी, जिसकी वजह से सुनवाई नहीं हुई.
इसके पहले 8 मई को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने कहा था कि कोर्ट को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक का प्रतिनिधित्व करने वालों की सहमति का इंतजार है. वहीं हाईकोर्ट ने 5 मई को कोर्ट की मदद करने के लिए तीन वकीलों को एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का आदेश दिया था. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने कहा था कि इस मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने कोर्ट की सुनवाई का बहिष्कार करने का फैसला किया है, ऐसे में तीन एमिकस क्यूरी नियुक्त किए जाएंगे.
इस मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने सुनवाई का बहिष्कार करने का फैसला किया. तीनों ने न तो खुद और न ही किसी वकील के जरिये कोई दलील रखने की बात कही है. साथ ही हाईकोर्ट को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर भरोसा नहीं है, इसलिए वे सत्याग्रह करेंगे.
बता दें कि, 20 अप्रैल को जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने दिल्ली आबकारी मामले में बरी करने के आदेश के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई से हटने की अरविंद केजरीवाल की मांग को खारिज को कर दिया था. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा था कि मैं इस आरोप से प्रभावित हुए बिना ही अपना फैसला सुनाउंगी, ठीक वैसे ही जैसा कि मैंने अपने 34 वर्षों के न्यायिक करियर में हमेशा किया है.
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