-विद्यार्थियों ने सीखी एक्रिलिक रंगों की आधुनिक तकनीक
अयोध्या 11 मई (आरएनएस)। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग एवं राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित 20 दिवसीय श्ग्रीष्मकालीन चित्रकला कार्यशालाश् के चौथे दिन विद्यार्थियों ने आधुनिक कला माध्यमों के साथ अपनी कल्पनाओं को जीवंत किया। आज का मुख्य सत्र पूर्णत: एक्रिलिक कलर तकनीक और क्रिएटिव कंपोजीशन (सृजनात्मक संयोजन) पर केंद्रित रहा। शिविर की संयोजक डॉ. सरिता द्विवेदी ने प्रतिभागियों के कार्यों का अवलोकन करते हुए कहा कि माननीय कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में यह कार्यशाला विद्यार्थियों के कौशल विकास में मील का पत्थर साबित हो रही है। चौथे दिन छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ एक्रिलिक रंगों के माध्यम से कैनवास और पेपर पर अपनी मौलिक सोच को उकेरा। कार्यशाला के तकनीकी सत्र में मुख्य प्रशिक्षक व आयोजन सचिव डॉ. रीमा सिंह ने छात्र-छात्राओं को एक्रिलिक रंगों की विविधताओं से परिचित कराया। उन्होंने प्रयोगात्मक प्रशिक्षण (डेमोस्ट्रेशन) के दौरान बताया कि किस प्रकार एक्रिलिक माध्यम का उपयोग जलरंग (वॉश) और तैलरंग (इम्पैस्टो) दोनों की तरह किया जा सकता है। डॉ. रीमा ने विद्यार्थियों को श्क्रिएटिव कंपोजीशनश् के सिद्धांत समझाते हुए सिखाया कि कैसे पारंपरिक रूपांकनों को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ संयोजित कर एक प्रभावी कलाकृति का निर्माण किया जाता है। आज के सत्र में मुख्य रूप से विभाग के प्रो. सुरेंद्र मिश्र, प्रो. विनोद श्रीवास्तव, प्रो. प्रिया कुमारी, डॉ. अलका श्रीवास्तव, डॉ. रचना श्रीवास्तव सहित छात्र – छात्राओं में गौरव यादव, समीक्षा सिंह, हलीमा सादिया, नैंसी, अपूर्वा सिंह, प्रिंस विश्वकर्मा, संध्या, शिवांगी, सिमरन, सुहानी एवं 75 से अधिक प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे। 27 मई तक चलने वाली इस कार्यशाला में आने वाले दिनों में अन्य समकालीन और पारंपरिक कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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