अयोध्या 11 मई (आरएनएस)। इनायतनगर क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर उमन्नी जंगल में ले जाकर रईसुद्दीन पर लाठी डण्डा , लोहे की राठ व लात घूसों से जानलेवा हमला करने के मामले में जेल की सलाखों के पीछे निरूद्ध पांच आरोपितों संजय यादव, विकास मिश्र, सुरजीत यादव, विशाल यादव व भल्लू उर्फ राजन की जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के पश्चात मंजूर हो गयी है। यह आदेश जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने दिया है। यह मामला इनायतनगर थानान्तर्गत मुबारकपुर उमन्नी जंगल का है। आरोपित पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता हरिओम दूबे ने पैरवी किया है तर्क किया कि कथित घटना का कोई स्वतन्त्र गवाह नहीं है न ही घटना कोई मोटिव दर्शाया गया है। आरोपितों के पास से झूठी बरामदगी दर्शायी गयी है। घटना से उसका कोई सरोकार नहीं है। वादी मुकदमा सैमुद्दीन अपने भाई रईसुद्दीन के साथ गोकशी के लिए उमन्नी पिपरी जंगल के पास गाय का बछड़ा पिकअप लेकर पकडऩे गया था। इसी दौरान लोगों के दौड़ाने पर व भागते समय गिर गया था और उसे चोट आयी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 3 अप्रैल 2026 को रात 8 बजे विकास मिश्रा पुत्र महेश मिश्र निवासी हल्ले द्वारिकापुर ने वादी के भाई रईसुद्दीन को फोन करके बुलाया और कहा आ जाओ एक काम है। जब वादी का भाई विकास से मिला तो उसने मेरे भाई को अपनी मोटर साईकिल पर बैठका मुबारकपुर उमन्नी जंगल ले गया जहां पर पहले से ही संजय यादव अन्य लोगों के साथ बैठा था इसके बाद लाठी, डण्डा, लोहे की राठ तथा लात घूसों से रईसुद्दीन पर हत्या करने की नीयत से जानलेवा हमला किया जिससे रईसुद्दीन गम्मीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर गांव के लोग आये इसके बाद भी हमलावर जाते हुये उसके जान से मारने की धमकी देते हुये चले गये। गम्भीर हालत में रईसुद्दीन को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मिल्कीपुर ले जाया गया जहां डाक्टरों ने मण्डलीय अस्पताल दर्शन नगर रिफर कर दिया की साजिश में विकास मिश्रा ने धोखे से रईसुद्दीन को वहां ले जाकर हत्या करवाना चाहता था। घटना की रिपोर्ट चोटहिल के भाई सैफुद्दीन की तहरीर पर संजय यादव समेत 6 हमलावरों के विरूद्ध नामजद तथा 8-10 अज्ञात के विरूद्ध मु0अ0सं0-149/2026 अन्तर्गत बीएनएस की गम्भीर धाराओं में दर्ज करायी गयी।
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