लखनऊ 12 मई (आरएनएस )। नगर निगम में ईंधन की अनावश्यक खपत रोकने और संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महापौर सुषमा खर्कवाल ने सख्त कदम उठाए हैं। महापौर ने नगर आयुक्त गौरव कुमार को पत्र लिखकर नगर निगम में वाहनों के उपयोग को नियंत्रित करने तथा ईंधन बचत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।महापौर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 10 मई 2026 को गुजरात के बड़ोदरा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में उत्पन्न हालात को देखते हुए देशवासियों से आयातित ईंधन, विशेषकर डीजल और पेट्रोल के न्यूनतम उपयोग तथा संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया था। इसी क्रम में नगर निगम स्तर पर भी ईंधन बचत को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है।महापौर ने निर्देशित किया है कि नगर निगम में जिन अधिकारियों और अभियंताओं को वर्तमान में दो-दो वाहन आवंटित या संलग्न हैं, उनसे तत्काल एक वाहन वापस लिया जाए और केवल एक वाहन ही उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि वाहन सुविधा केवल उन्हीं अधिकारियों और अभियंताओं को दी जाए, जिनके लिए शासन अथवा निर्धारित नियमों के तहत वाहन आवंटन का प्रावधान है।महापौर सुषमा खर्कवाल ने स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने लिए आवंटित दो वाहनों में से एक वाहन तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि ईंधन बचत की पहल शीर्ष स्तर से शुरू होनी चाहिए।इसके अलावा महापौर ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित करने के लिए कहा है कि अधिकारी लंच के समय आवास जाने के बजाय घर से भोजन साथ लेकर आएं, जिससे दोपहर में अनावश्यक वाहन संचालन कम हो और ईंधन की बचत सुनिश्चित की जा सके। उनका मानना है कि इससे नगर निगम में संसाधनों के उपयोग पर नियंत्रण स्थापित होगा और कार्यकुशलता में भी सुधार आएगा।महापौर ने नगर आयुक्त को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के साथ ही अधिकारियों और अभियंताओं को नियमानुसार आवंटित एक-एक वाहन की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने को भी कहा है, ताकि वाहन उपयोग में पारदर्शिता बनी रहे और अनावश्यक खर्च पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

