नईदिल्ली ,13 मई (आरएनएस)। केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (सीसीईए) की बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके लिए किसानों को 2.60 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं, सरकार ने कोल गैसिफिकेशन योजना के लिए 37,500 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। आइए कैबिनेट के अहम फैसले जानते हैं।
सबसे ज्यादा एमएसपी बढ़ोतरी सूरजमुखी बीज में की गई है। इसकी एमएसपी पिछले साल के मुकाबले 622 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाई गई है। इसके अलावा कपास में 557 रुपये, नाइजरसीड में 515 रुपये और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। सामान्य धान का एमएसपी 2,441 रुपये और ग्रेड ए का एमएसपी 2461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। अरहर का एमएसपी 8,450, मूंग का 8,780 और उड़द का 8,200 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा।
ईरान युद्ध संकट से उपजे ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने कोल गैसिफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ की योजना को मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक देश में 10 करोड़ टन कोल गैसिफिकेशन क्षमता विकसित की जाए, ताकि कच्चे तेल और नेचुरल गैस के आयात पर निर्भरता कम हो, घरेलू संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो और भारत ऊर्जा सुरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर बने।
कोल गैसिफिकेशन ऐसी तकनीक है, जिसमें कोयले को सीधे जलाने के बजाय सीमित ऑक्सीजन, भाप या कार्बन डाइऑक्साइड के साथ बहुत ज्यादा तापमान पर प्रोसेस किया जाता है। इससे निकलने वाली गैस को सिंथेटिक गैस कहा जाता है। इसका इस्तेमाल मिथेनॉल, फर्टिलाइजर, अमोनिया समेत कई तरह के उद्योगों में किया जाता है। योजना का उद्देश्य 2030 तक कोयले से 100 मिलियन टन गैस का उत्पादन करना है। सरकार संयंत्र और मशीनरी की लागत का 20 प्रतिशत वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करेगी।
गुजरात के अहमदाबाद (सरखेज) और ढोलेरा के बीच सेमी हाई स्पीड ट्रेन डबल लाइन के लिए सरकार ने 20,667 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। स्वदेशी तकनीक के इस्तेमाल से बनने वाला ये देश का पहला सेमी हाई स्पीड रेल ट्रैक होगा। इसके बनने से 284 गांवों के 5 लाख से भी ज्यादा लोगों को फायदा होगा। इस ट्रैक पर 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ेगी। योजना 2030-31 तक पूरी होने की उम्मीद है।
केंद्रीय कैबिनेट ने नागपुर के डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण और विस्तार के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस हवाई अड्डे का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत आधुनिकीकरण किया जाएगा। भविष्य में यहां हर साल करीब 3 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता तैयार की जाएगी। इसके अलावा अत्याधुनिक टर्मिनल बिल्डिंग, बेहतर यात्री सुविधाएं और रनवे का विस्तार कर हवाई अड्डे को एविएशन और कार्गो हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
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