जशपुर, 14 मई (आरएनएस)। विगत सप्ताह हुई लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव से उद्यानिकी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। बेमौसम बारिश से बीमारी और कीट प्रकोप तेजी से फैलने का खतरा है। इसे देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए 7 सूत्रीय सलाह जारी की है।
विशेषज्ञों की मुख्य सलाह:
1. पानी निकासी: खेत में पानी 6-8 घंटे से ज्यादा न रुके। तुरंत नाली बनाएं। जलभराव से जड़ सडऩ व फफूंद रोग बढ़ते हैं। बीमारी पर दवा का उपयोग करें।
2. पौधों को सहारा: बांस/रस्सी से स्टेकिंग करें। पौधे व फल जमीन न छुएं, इससे बारिश की छींटों से रोग कम फैलता है।
3. मल्चिंग: सूखी घास, पुआल या प्लास्टिक मल्च लगाएं। मिट्टी के छींटे पत्तों पर नहीं पड़ेंगे और फल फटना कम होगा।
4. रोगग्रस्त पत्तियां हटाएं: नीचे की पीली/काली पत्तियां काटकर खेत से बाहर करें। बारिश के तुरंत बाद न करें, सूखे मौसम में करें।
5. सिंचाई: लंबे सूखे के बाद अचानक ज्यादा सिंचाई न करें।
6. दवा उपयोग: कृषि विशेषज्ञों की सलाह से ही अनुशंसित फफूंदनाशक व कीटनाशक का उपयोग करें।
7. फसल बीमा: खरीफ में टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता, अमरूद तथा रबी में टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज व आलू का फसल बीमा अवश्य कराएं। इससे बेमौसम बारिश व प्राकृतिक घटनाओं से नुकसान पर दावा किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों ने कहा कि बादल छाए रहने से फसलों को पर्याप्त धूप नहीं मिलने पर रोग फैलने की संभावना बढ़ जाती है। समय पर उचित प्रबंधन से आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।
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