रायपुर, 15 मई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को लेकर मची अफरा-तफरी के बीच गरियाबंद जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर ने ईंधन वितरण को नियंत्रित करने के लिए दोपहिया वाहनों में अधिकतम ?300 और चारपहिया वाहनों में ?1000 तक पेट्रोल-डीजल देने की सीमा तय कर दी है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की अनावश्यक खरीद और जमाखोरी रोकने के लिए ड्रम, जरीकेन और बोतलों में ईंधन देने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवा वाहनों को प्राथमिकता से ईंधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला खाद्य अधिकारी अरविंद दुबे ने बताया कि वर्तमान में सप्लाई में कुछ कमी जरूर है, लेकिन स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि अफवाहों के चलते लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीद रहे हैं, जिससे अचानक मांग बढ़ गई है। इसी वजह से अस्थायी तौर पर यह व्यवस्था लागू की गई है।
इधर खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में फिलहाल 45,474 किलोलीटर पेट्रोल और 84,654 किलोलीटर डीजल का भंडार मौजूद है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक खरीदारी से बचें।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश में कुल 2516 पेट्रोल-डीजल पंप संचालित हैं। रायपुर के 35 और बिलासपुर के 13 पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से ड्राई आउट हुए हैं, जहां लगातार सप्लाई बहाल करने का प्रयास किया जा रहा
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