रायपुर, 15 मई (आरएनएस)। एक गलती और पूरा परिवार तबाह। इसी कड़वी सच्चाई के साथ दुर्ग यातायात पुलिस ने सुशासन तिहार के मंच से सड़क सुरक्षा का ऐसा संदेश दिया, जिसने गांव-गांव तक जिम्मेदार ड्राइविंग की चेतावनी पहुंचा दी। ग्राम मर्रा पाटन में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस दुर्ग ने सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए बड़ा जागरूकता अभियान चलाया, जहां मौजूद ग्रामीणों, युवाओं और वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे ने मंच से लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाते हुए साफ कहा कि छोटी लापरवाही भी जिंदगी छीन सकती है। इस दौरान यातायात पुलिस ने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी। शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाले हादसों को लेकर भी लोगों को चेताया गया और बताया गया कि सड़क सुरक्षा केवल नियम नहीं बल्कि जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा हथियार है। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और वाहन चालकों को ट्रैफिक सिग्नल, सड़क संकेत और सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई। यातायात पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर चिंता जताते हुए लोगों से खुद जागरूक बनने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। शासन द्वारा प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे सुशासन तिहार के तहत यह अभियान आमजन तक जनकल्याणकारी योजनाओं और सुरक्षा संदेशों को पहुंचाने का हिस्सा बना, जहां प्रशासन और पुलिस ने मिलकर सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने की कोशिश की। इस जागरूकता कार्यक्रम में यातायात पुलिस दुर्ग के अधिकारी और कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई और लोगों को बताया कि दुर्घटना के बाद पछताने से बेहतर है पहले से सावधानी बरतना। बहरहाल, दुर्ग पुलिस का यह संदेश साफ है कि हेलमेट और सीट बेल्ट सिर्फ चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि घर लौटने की सबसे बड़ी गारंटी हैं।
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