रुद्रपुर,15 मई (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल ,डीजल और गैस के सीमित उपयोग और बचत की अपील का असर अब धरातल पर उतरने लगा है। अब सरकारी कार्यालय में भी गाडिय़ों के कम प्रयोग के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को खटीमा के कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले अधिवक्ताओं, वादियों के साथ आने वाले लोगों और न्यायालय से संबंधित सभी लोगों के वहां को कोर्ट परिसर के बाहर वाहन रोक दिए हुए। जिससे अंदर प्रवेश के लिए आ रहे वाहन का ईंधन बचे। अधिवक्ताओं ने कहा कि थोड़ी थोड़ी बचत में सभी का योगदान होने से देश में पेट्रोल और डीजल की किल्लत से बचा जा सकता है। इधर जल्द ही अन्य सरकारी विभागों में ये पहल शुरू होने की संभावना है। अधिवक्ता अवधेश मौर्य तो सूचना मिलने के बाद अपनी कार खड़ी कर पैदल ही कोर्ट गए। अधिवक्ता एसोसिएशन के महामंत्री भरत पांडेय ने बताया कि सदस्य सचिव उत्तराखंड राज्य विधि सेवा प्राधिकरण ने निर्देश जारी कर 15 मई से एक महीने की अवधि के लिए, प्रत्येक सोमवार और शनिवार को, सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों, वादियों और न्याय व्यवस्था से जुड़े अन्य हितधारकों को सोमवार और शनिवार को कार्यालयों/अदालतों में आने-जाने के लिए निजी वाहनों का उपयोग न करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
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