नारायणपुर,15 मई(आरएनएस)। अबूझमाड़ के दूरस्थ इलाकों से निकले युवा जब पहली बार ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और सड़क सुरक्षा सीखने क्रीड़ा परिसर पहुंचे, तो यह सिर्फ एक सरकारी शिविर नहीं बल्कि भरोसे, जागरूकता और विकास की नई शुरुआत बन गया। नारायणपुर पुलिस और परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 15 मई 2026 को जिला मुख्यालय स्थित क्रीड़ा परिसर में माड़ मैत्री अभियान के तहत विशाल ड्राइविंग लाइसेंस एवं यातायात जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जहां जिले के अंदरूनी और दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों, युवाओं और वाहन चालकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुडिय़ा के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को शासन की सुविधाओं से जोडऩा, उन्हें वैधानिक प्रक्रिया की जानकारी देना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना रहा। शिविर में जिला परिवहन कार्यालय नारायणपुर और परिवहन सुविधा केंद्र की टीम ने मौके पर ही लोगों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, लर्निंग लाइसेंस और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी सरल भाषा में दी। जिला परिवहन कार्यालय के कार्यालय अधीक्षक श्री राजाराम घृतलहरे, डाटा एंट्री ऑपरेटर श्री लीलम्बर नायक, श्री विक्रम सिंह राणा तथा परिवहन सुविधा केंद्र के श्री नीतिश शील, श्री मोहम्मद जैद और श्री आकाश बघेल ने आवेदकों के दस्तावेजों की जांच कर उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों का मौके पर पंजीयन किया गया और उन्हें पहली बार वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया से जोड़ा गया। यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित कर हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियमों की अनिवार्यता पर जोर दिया। लोगों को सुरक्षित यातायात – सुरक्षित जीवन का संदेश देते हुए शराब पीकर वाहन नहीं चलाने और ट्रैफिक संकेतों का पालन करने की समझाइश दी गई। शिविर की सबसे खास बात यह रही कि अबूझमाड़ के छोटे डोंगर, एडका, भरंडा और ओरछा जैसे क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा पहुंचे और ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया। यह पहल न सिर्फ युवाओं को वैधानिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम बनी, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोडऩे का माध्यम भी साबित हुई। पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुडिय़ा ने कहा कि माड़ मैत्री का ध्येय वाक्य विग्रह से विश्वासकेवल नारा नहीं बल्कि जनता और पुलिस के बीच भरोसे का मजबूत पुल है। उन्होंने पुलिस और परिवहन विभाग के बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि अभियान का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों को शासन की योजनाओं से जोडऩा और युवाओं को जागरूक बनाना है। नारायणपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी सामुदायिक पुलिसिंग के तहत ऐसे जनहितैषी और जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे। बहरहाल, माड़ मैत्री अभियान ने यह साबित कर दिया है कि जब प्रशासन गांव तक पहुंचता है तो दूरियां नहीं, विश्वास बढ़ता है और यही विश्वास विकास की असली सड़क तैयार करता है।
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