महासमुंद, 16 मई (आरएनएस)। मोबाइल की एक क्लिक से हो रही ठगी, डिजिटल अरेस्ट की धमकी और सोशल मीडिया जालसाजों के बीच महासमुंद पुलिस अब गांव-गांव पहुंचकर लोगों को बचाव का हथियार दे रही है, ‘नवा बिहानÓ अभियान के जरिए 1500 से ज्यादा लोगों को साइबर अपराध, नशे और गौ तस्करी के खिलाफ जागरूक किया गया। इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते दौर में बदलते अपराधों के तरीके अब पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बन चुके हैं और इसी खतरे को देखते हुए महासमुंद पुलिस ने जिलेभर में नवा बिहान जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस की टीम हाट-बाजार, स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड, बैंक, चौक-चौराहों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचकर आम लोगों को साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा, यातायात नियम और गौ तस्करी रोकथाम को लेकर जागरूक कर रही है।
पुलिस टीम ने ग्राम बल्दीडीह हाट बाजार, सांकरा थाना क्षेत्र के छुईपाली बाजार, सिंघोड़ा थाना क्षेत्र के द्वारतलाकला बाजार, टुहलू चौकी, पिथौरा लाखागढ़ चौक और भंवरपुर सहित कई इलाकों में लोगों के बीच पहुंचकर सीधे संवाद किया। अभियान के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, बुजुर्गों और मोबाइल उपयोगकर्ताओं को साइबर स्टॉकिंग, फेक प्रोफाइल, फर्जी ट्रेडिंग एप, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट और एपीके फाइल लिंक के जरिए होने वाली ठगी के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस ने लोगों को समझाया कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करना भारी पड़ सकता है और निजी जानकारी साझा करना साइबर अपराधियों को खुला मौका देना है। लोगों को अपने मोबाइल में मजबूत पासवर्ड रखने, टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन करने और किसी भी संदिग्ध लिंक को क्लिक न करने की सलाह दी गई। पुलिस ने साफ कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर डराकर पैसे नहीं मांगती और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली वसूली पूरी तरह साइबर ठगी है।
अभियान में लोगों को बताया गया कि किसी भी ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या [राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल(https://www.cybercrime.gov.in?utm_source=chatgpt.com) पर रिपोर्ट दर्ज कराएं। महासमुंद पुलिस ने संवाद नाम से शिकायत हेल्प डेस्क भी शुरू किया है जिसका व्हाट्सएप नंबर 9479229939 जारी किया गया है। पुलिस का दावा है कि इस नंबर पर भेजी गई सूचना पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। हेल्पलाइन में दो विकल्प दिए गए हैं, पहला गुप्त सूचना देने के लिए और दूसरा सामान्य शिकायत दर्ज कराने के लिए। पुलिस ने लोगों से गौवंश तस्करी और अवैध गतिविधियों की सूचना भी इसी नंबर पर साझा करने की अपील की है। अभियान के दौरान डायल-112 की उपयोगिता भी बताई गई और लोगों को समझाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम कम समय में मौके पर पहुंच सकती है। नशा मुक्ति संदेश देते हुए पुलिस ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर देता है और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। महासमुंद पुलिस के इस जनजागरूकता अभियान में अब तक 1500 से अधिक लोग शामिल होकर लाभान्वित हो चुके हैं। फिलहाल नवा बिहान सिर्फ एक अभियान नहीं बल्कि बदलते डिजिटल अपराधों के दौर में लोगों को जागरूक और सुरक्षित बनाने की बड़ी मुहिम बनता दिखाई दे रहा है, क्योंकि सतर्क नागरिक ही साइबर ठगों और अपराधियों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकते हैं।
0

