0-आरोपी ने एक महिला के नाम से भेजा था आत्मघाती हमले का ईमेल
0-हसनैन राजनीतिक हस्तियों व चुनाव आयोग को भी भेज चुका है धमकी के ईमेल
कोलकाता,16 मई (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को एक महिला के नाम पर आत्मघाती हमले में मौत के घाट उतारने की धमकी तहत ईमेल भेजने वाले आरोपी को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पोर्ट अंचल के गार्डेनरीच से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी हसनैन इकबाल (27) को एसटीएफ ने कोलकाता साइबर सेल की मदद से दबोचा। हसनैन ने ही 14 मई की सुबह लगभग सवा दस बजे भवानीपुर थाने में उपरोक्त सनसनीखेज धमकी भरा ईमेल भेजा था। नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को आत्मघाती बम हमले की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। धमकी भरा ईमेल से कोलकाता पुलिस ही नहीं खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए थे और पुलिस ने इसे गंभीर चुनौती के तौर पर लिया था और धमकी के बाद से ही कोलकाता पुलिस की साइबर सेल आरोपी का पता लगाने के लिए रात दिन एक कर रही थी। उक्त मामले में आज लालबाजार पुलिस मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन भी किया गया और मीडिया कर्मियों को इसकी आधिकारिक तौर पर जानकारी दी गई। जानकारी के अनुसार आबिदा अली नाम की एक महिला के नाम से भेजे गए इस ईमेल में खुद को अल-कायदा आतंकी बताया गया था। मेल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को आत्मघाती हमले में उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं। इकबाल हसनैन ने एसटीएफ के द्वारा की गई पूछताछ में बताया कि, आबिदा अली नाम की एक महिला के साथ उसका मन मुटाव था और यही कारण है कि उसने आबिदा अली नाम की एक महिला के नाम का उपयोग किया। पुलिस को पता चला है कि आरोपी इससे पहले भी इस तरह की धमकी भरे ईमेल कई मामलों को अंजाम दे चुका है। इसकी पुलिस विस्तृत जानकारी उपलब्ध कर रही है। जैसे ही हसनैन की धमकी मिली मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस की साइबर सेल और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने तत्काल संयुक्त जांच शुरू की। जांच एजेंसियों ने ईमेल के आईपी एड्रेस और तकनीकी जानकारियों को खंगालना शुरू किया।
तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने गार्डेनरीच इलाके से हसनैन इकबाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ही धमकी भरा ईमेल भेजने के पीछे मुख्य साजिशकर्ता है। लालबाजार पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वी. सोलोमन और जॉइंट सीपी एसटीएफ सोलोमन नेसाकुमार ने पूरे मामले का खुलासा किया। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कई अहम सबूत हाथ लगे हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन और अन्य डिवाइस बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल धमकी भरा ईमेल भेजने में किया गया था। इसके अलावा उसके ईमेल बॉक्स से भी भेजे गए मेल की कॉपी बरामद हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि हसनैन इकबाल को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) की अच्छी जानकारी थी। वह खुद आईपी एड्रेस तैयार करने और डिजिटल पहचान बदलने में सक्षम था, जिससे जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी चुनाव आयोग समेत कई सरकारी संस्थाओं को इसी तरह के फर्जी और धमकी भरे ईमेल भेज चुका है। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही है। बहरहाल आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2), 217(बी) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश तो नहीं है। आरोपी से लगातार पूछताछ जारी है। सिर्फ यही नहीं पुलिस को पता चला है कि आरोपी ने पहले भी कई राजनीतिक हस्तियों को ऐसी ईमेल भेजे हैं।
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