बस्ती 18 मई (आरएनएस)। शहर के तुरकहिया मोहल्ला निवासी 61 वर्षीय मुस्ताक अली की मृत्यु की खबर से मोहल्ले वासी हतप्रभ हैं। उनके पड़ोसी का कहना कि वह आत्महत्या नहीं कर सकते मजबूत कलेजे के व्यक्ति और मिलनसार हार्डवेयर के दुकानदार थे। लीवर कैंसर से पीडि़त होने के कारण वह करीब एक महीने से वह संजय गांधी पीजीआइ, लखनऊ के एलटीयू वार्ड में भर्ती थे। उनकी तीमारदारी में पूरा परिवार लखनऊ में रह रहा था। वह पांच भाई थे दो भाई साथ में लखनऊ गए हुए थे। इस संबंध में चौकी प्रभारी गांधीनगर सभाशंकर यादव ने बताया कि दिवगंत मुस्ताक अली के शव का पोस्टमार्टम लखनऊ में हुआ है। स्वजन, रिश्तेदार व मित्र शव लेने लखनऊ चले गए हैं। मालूम हो कि सोमवार को भोर में मरीज का गला कटा शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में अफरा तफरी मच गई। मौके पर पुलिस और फोरेंसिक टीम पहुंची। पुलिस ने मामले को शुरुआती जांच में आत्महत्या मान रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मुस्ताक को 21 अप्रैल 26 को पीजीआइ में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन और पुलिस को उनके स्वजन की मृत्यु की सूचना दी। दिवंगत के भाई मुख्तार वार्ड में बेड के पास जमीन पर सो रहे थे। बताया गया है कि मौके से बेड पर ब्लेड भी मिला है।
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