=दुर्ग पुलिस ने 13 आरोपियों को किया गिरफ्तार, करोड़ों के लेनदेन का खुलासा=
दुर्ग,18 मई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आईपीएल सीजन के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हैदराबाद से संचालित हो रहे ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में करोड़ों रुपए के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार जांच में करीब 5 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आई है। आरोपियों के कब्जे से 9 लैपटॉप, 46 मोबाइल फोन, 23 पासबुक, 107 एटीएम कार्ड, लगभग 20 सिम कार्ड और 2 लाख 57 हजार रुपए नकद जब्त किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक 16 मई को छावनी थाना और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने जावेद अख्तर और आभास जायसवाल को संदिग्ध बैंक खातों के साथ पकड़ा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी स्लम क्षेत्रों और अन्य लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनकी पासबुक, एटीएम, सिम कार्ड और चेकबुक कुणाल वर्मा को बेचते थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि कुणाल वर्मा इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक है। वह इन बैंक खातों और दस्तावेजों का उपयोग ऑनलाइन आईपीएल सट्टे में रकम जमा करने और निकालने के लिए करता था। पुलिस के मुताबिक कुणाल वर्मा स्वयं भी ऑनलाइन सट्टा पैनल संचालित कर रहा था।
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने हैदराबाद के अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अन्य आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में विक्की साहू, अभिषेक भारती, गुफरान खान, राजकुमार पासवान, तुकेश्वर साहू, जेद खान, के. श्रीनू, शेख सद्दाम, विकास राय, विकास निषाद, रोहित चौहान, कुणाल वर्मा और प्रतीक पटेल शामिल हैं।
पुलिस ने मामले में संगठित अपराध की धाराएं जोड़ते हुए आरोपियों की संपत्ति और नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। साथ ही म्यूल अकाउंट के जरिए किए गए लेनदेन और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
दुर्ग पुलिस के अनुसार इस आईपीएल सीजन में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ अब तक 14 बड़ी कार्रवाइयां की जा चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े खातों में 63 साइबर शिकायतें भी दर्ज हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
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