नई दिल्ली,18 मई (आरएनएस) । प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर अनावश्यक खर्च में कटौती करने के लिए सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से फिलहाल सोमवार और शुक्रवार को ‘डिजिटलÓ माध्यम से सुनवाई करने का आग्रह किया है.
शीर्ष अदालत ने 15 मई को, सोमवार और शुक्रवार को केवल वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मामलों की सुनवाई करने का निर्णय लिया। न्यायाधीशों ने ईंधन के इष्टतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए एक-दूसरे के वाहन से न्यायालय आने-जाने की व्यवस्था को प्रोत्साहित करने का ”सर्वसम्मति से संकल्पÓÓ लिया.
पश्चिम एशिया संकट के कारण अनावश्यक खर्चों में कटौती करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के बाद यह कदम उठाया गया.
सोमवार को, वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने एक मामले की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी का एकीकरण हुआ है और ऑनलाइन सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने ”अतिरिक्त धैर्यÓÓ दिखाया.
रोहतगी ने कहा, ”मैं ऑनलाइन सुनवाई के लिए प्रधान न्यायाधीश की सराहना करता हूं, क्योंकि आज सभी अदालतों में यह सुचारू रूप से संपन्न हुई.ÓÓ
उन्होंने कहा, ”मैं इस कदम के लिए प्रधान न्यायाधीश की प्रशंसा करता हूं. मैं सभी उच्च न्यायालयों से भी इसका अनुसरण करने का आग्रह करता हूं.ÓÓ
उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से सुनवाई से न्यायिक प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आई और ”सभी न्यायाधीशों ने अतिरिक्त धैर्य दिखाया\. वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई सुगमता से संपन्न हुई.ÓÓ
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इससे सहमति जताते हुए कहा, ”मैं अपने विद्वान मित्र की इन बातों से सहमत हूं.ÓÓ
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ”शुक्रवार को ही मैंने सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से आग्रह किया था कि यदि संभव हो, तो वे फिलहाल ऑनलाइन सुनवाई करें.ÓÓ
सोमवार और शुक्रवार, विविध मामलों के लिए आरक्षित दिन होते हैं.
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