वॉशिंगटन,19 मई। अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत को अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और एम777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर के लिए सपोर्ट सर्विस और उससे जुड़े इक्विपमेंट की संभावित बिक्री को मंजूरी दे दी है. यह डील 428 मिलियन डॉलर (4,121.74 करोड़ रुपये) से ज्यादा की होगी.
अपाचे हेलीकॉप्टरों की प्रस्तावित बिक्री का अनुमान 198.2 मिलियन डॉलर (1,908.80 करोड़ रुपये) है और इसमें एएच-64ई अपाचे सस्टेनमेंट सपोर्ट सर्विस शामिल हैं, और एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर के लिए लंबे समय तक स्थायी सहायता की कीमत लगभग 230 मिलियन डॉलर (?2,215.5 करोड़) है.
विदेश विभाग ने कहा कि अपाचे सपोर्ट पैकेज के लिए मुख्य कॉन्ट्रैक्टर बोइंग और लॉकहीड मार्टिन होंगे. बीएई सिस्टम्स कंपनी हॉवित्जर के सपोर्ट के लिए मुख्य कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर काम करती है.
विदेश विभाग ने कहा कि भारत ने एएच-64ई अपाचे सस्टेनेंस सपोर्ट सर्विसेज; अमेरिका सरकार और कॉन्ट्रैक्टर इंजीनियरिंग, टेक्निकल और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट सर्विसेज; टेक्निकल डेटा और पब्लिकेशन्स; पर्सनल ट्रेनिंग; और लॉजिस्टिक्स और प्रोग्राम सपोर्ट के दूसरे संबंधित एलिमेंट्स खरीदने के लिए अनुरोध किया है.
हॉवित्जर के लिए, अमेरिका ने कहा कि नॉन-मेजर डिफेंस इक्विपमेंट (सहायक और गैर-घातक उपकरण) आइटम शामिल किए जाएंगे: सहायक उपकरण; स्पेयर्स; रिपेयर और रिटर्न; प्रशिक्षण; तकनीकी सहायता; फील्ड सर्विस रिप्रेजेंटेटिव (साइट पर तकनीकी सहायता); डिपो कैपेबिलिटी; और लॉजिस्टिक्स और प्रोग्राम सपोर्ट के दूसरे संबंधित उपकरण.
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, यह प्रस्तावित बिक्री, अमेरिकी-भारतीय रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और एक बड़े रक्षा भागीदार की सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करके अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों का समर्थन करेगी, जो हिंद-प्रशांत और दक्षिण एशिया क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता, शांति और आर्थिक प्रगति के लिए एक अहम ताकत बनी हुई है.
विदेश विभाग ने कहा कि इस बिक्री से भारत की मौजूदा और भविष्य के खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ेगी, देश की सुरक्षा मजबूत होगी और इलाके के खतरों को रोका जा सकेगा.
भारत की सैन्य क्षमताओं पर जोर देते हुए बयान में कहा गया, भारत को इन चीजों और सेवाओं को अपनी सेना में शामिल करने में कोई मुश्किल नहीं होगी.
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