कुशीनगर, 19 मई (आरएनएस)। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता के मद्देनजर देशहित में विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से आगामी एक वर्ष तक सोने की खरीद एवं बिक्री कम करने की किए गए अपील के क्रम में जिलाधिकारी कुशीनगर ने सर्राफा व्यवसाईयो के साथ बैठक कर सोने के आभूषणों की खरीद बिक्री को लेकर फैल रहे अफवाहों को दूर करने के लिए व्यापक प्रचार- प्रसार एवं जन जागरूकता पर बल दिया।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में सर्राफा व्यापारियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि सोने के आभूषणों की खरीद-बिक्री पर किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। उन्होंने सर्राफा व्यापारियों से अपील किया कि वे ग्राहकों तक सही एवं तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाएं। जिससे आमजन किसी प्रकार के भ्रम का शिकार न हों। उन्होंने कहा कि जहां भी किसी प्रकार की शंका अथवा भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो, उसे संवाद एवं बैठक के माध्यम से तत्काल दूर किया जाए। जिलाधिकारी ने प्रशासन एवं व्यापारी वर्ग से सकारात्मक एवं विश्वासपूर्ण वातावरण बनाए रखने का आह्वान किया। बैठक में सर्राफा व्यापारियों ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि जनपद का व्यापारी वर्ग देशहित में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की अपील के साथ पूर्णतया खड़ा है। बैठक में व्यापारियों ने प्रधानमंत्री द्वारा केवल बुलियन, गोल्ड बार एवं ठोस सोने की खरीद को कुछ समय के लिए टालने की अपील की। जबकि सोने के आभूषणों की खरीद-बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं है। बैठक के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि खाड़ी युद्ध के चलते कच्चे तेल के आयात में कठिनाइयां उत्पन्न हुई हैं तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में वृद्धि के कारण देश को अत्यधिक विदेशी मुद्रा व्यय करनी पड़ रही है।ऐसी स्थिति में विदेशी मुद्रा के अनावश्यक व्यय पर नियंत्रण आवश्यक है। इस पर जिलाधिकारी ने सर्राफा व्यापारियों को सुझाव दिया कि ठोस सोना, सोने के सिक्के एवं गोल्ड बार की बिक्री के बजाय आवश्यकतानुसार घरेलू बाजार में आभूषणों की खरीद -बिक्री को प्रोत्साहित किया जाए। जिससे विदेशी मुद्रा भंडार का सकारात्मक एवं गुणात्मक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। सर्राफा व्यापारी संघ की ओर से सुझाव दिया गया कि यदि स्वर्ण कारीगरों के हित में कोई वैकल्पिक व्यवस्था, जैसे स्वर्ण कला बोर्ड का गठन किया जाए तो इससे कारीगरों को सहायता एवं रोजगार संरक्षण मिल सकेगा। साथ ही घरेलू सोने के व्यापार में चोरी के माल की खरीद-बिक्री से उत्पन्न होने वाली समस्याओं की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया गया। इस पर पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने समाधान स्वरूप दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने तथा बिक्री करने वाले व्यक्तियों का आधार कार्ड एवं मोबाइल नंबर अभिलेख के रूप में सुरक्षित रखने का सुझाव दिया। सर्राफा कारोबारियों ने यह भरोसा दिलाया कि वे 24 कैरेट खरा सोना (बुलियन) एवं सोने की ईंट (बार) सीधे ग्राहकों को विक्रय नहीं करेंगे तथा घरों में उपलब्ध पुरानी ज्वैलरी को रीसायकल कर नई ज्वैलरी बनवाने हेतु लोगों को प्रोत्साहित करेंगे। बैठक में जिलाधिकारी ने ज्वैलरी व्यापार में नवाचार एवं वैकल्पिक उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल ज्वैलरी जैसे अन्य विकल्पों को प्रोत्साहित किया जाना समय की मांग है। इससे न केवल सोने के आयात में दीर्घ कालिक कमी लाई जा सकेगी, बल्कि इस क्षेत्र से जुड़े कारीगरों को अधिक रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त राज्य कर राजेश कुमार यादव, विकास विक्रम सिंह, डॉ. जितेन्द्र कुमार, सहायक आयुक्त राज्य कर कुमार अमित, श्रीमती सरिता यादव सहित कुशीनगर सर्राफा व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश, अजय गुप्ता, अंशुमान बंका, अमित वर्मा, संतोष वर्मा, सचिन चौरसिया, अधिवक्ता आर.जी. गुप्ता, नवीन सिंघानिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं सर्राफा व्यापारी व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

