आजमगढ़ 12 जुलाई,(आर एन एस)लंबे इंतजार के बाद पटवध कौतुक क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी सौगात मिली। करीब 20 वर्षों से बंद पड़ी बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (बी-पैक्स) का पुन: संचालन शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश की 211वीं बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति का शुभारंभ उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण मौर्य ने फीता काटकर किया।
इस अवसर पर क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। वर्षों से बंद पड़ी समिति के दोबारा खुलने से अब किसानों को खाद, बीज और सहकारी सुविधाओं के लिए 10 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस समिति से नौ ग्राम सभाओं के 1100 से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।मुख्य अतिथि लक्ष्मण मौर्य ने कहा कि सरकार सहकारिता को गांव-गांव तक मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। बी-पैक्स के माध्यम से किसानों को खाद, बीज, ऋण और अन्य आवश्यक सहकारी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे खेती की लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।समिति के अध्यक्ष मनोज राय ने बताया कि यह समिति लगभग 20 वर्षों से बंद थी और इसका भवन भी जर्जर हो चुका था। ग्रामीणों और किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भवन की मरम्मत कराकर इसे फिर से उपयोग के योग्य बनाया गया। उन्होंने कहा कि अब गांव स्तर पर किसानों को सभी प्रकार की रासायनिक खाद एवं बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे खेती के लिए समय और धन दोनों की बचत होगी।समिति के सचिव अशोक सिंह ने कहा कि बी-पैक्स के शुरू होने से किसानों को सहकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा और उन्हें अब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।कार्यक्रम के समापन पर 50 पौधों का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया गया। उपस्थित लोगों ने इसे हरियाली और समृद्धि की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया।इस अवसर पर पटवध गांव के प्रधान पति सुरेश्वरी दत्त उपाध्याय, राजेश राय, प्रबंधक श्रवण राय, मंडल उपाध्यक्ष सूरज प्रकाश राय ‘पप्पूÓ, श्याम करन राय, मनीष राय, अनिल चौरसिया, अशोक राय, एडीओ कोऑपरेटिव अशोक सत्संगी, महातम राय, राम अजोर राय, सहायक संतोष कुमार, रणधीर शर्मा, संतोष कुमार बारी, बृजभान सरोज, अरविंद यादव, प्रशांत राय, राजेश राय सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।करीब दो दशक बाद सहकारी समिति का दोबारा खुलना केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिए नई उम्मीद, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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