धमतरी,12 जुलाई (आरएनएस)। धमतरी के पुलिस अधीक्षक के रूप में अपने कार्यकाल के अंतिम दिन सूरज सिंह परिहार ने पुलिस लाइन स्थित पुलिस कंपोजिट बिल्डिंग में एनडीपीएस एक्ट, 1985 एवं सफेमा(SAFEMA) एक्ट, 1976 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन कराया। कार्यशाला में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों, विवेचना अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।कार्यशाला का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध वैज्ञानिक और प्रभावी कार्रवाई को मजबूत करना तथा अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई को और अधिक सशक्त बनाना था।प्रशिक्षण के दौरान एसपी सूरज सिंह परिहार, सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी, निरीक्षक चन्द्रकांत साहू और डीपीओ अजय सिंह ने एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीयन, तलाशी एवं जब्ती की वैधानिक प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, अभियोजन की तैयारी तथा न्यायालय में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य त्रुटियों और उनके निराकरण पर भी चर्चा की गई।कार्यशाला में सफेमा एक्ट, 1976 के तहत मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराधों से अर्जित चल एवं अचल अवैध संपत्तियों की पहचान, दस्तावेजी साक्ष्य संकलन, संपत्ति जब्ती और कुर्की की कानूनी प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि अपराधियों की आर्थिक ताकत को समाप्त करना अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम है।इस अवसर पर एसपी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि मादक पदार्थों का अवैध कारोबार समाज और विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे अपराधों में केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्रवाई आवश्यक है। वैज्ञानिक, निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित विवेचना से ही दोषसिद्धि की दर बढ़ेगी और अपराधियों में कानून का भय स्थापित होगा।कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने विषय विशेषज्ञों से व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा कर समाधान प्राप्त किए और भविष्य में एनडीपीएस एवं सफेमा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया।धमतरी पुलिस ने बताया कि इस वर्ष पहली बार एनडीपीएस मामलों में अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ सफेमा अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए करण धुरी, उषा धुरी और आरती रजक की अवैध संपत्तियों पर वैधानिक कार्रवाई की गई है। इसे मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की आर्थिक कमर तोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।कार्यशाला में सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी, डीएसपी मोनिका मरावी, डीएसपी मीना साहू, एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी और विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।
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