जशपुर 20 मई (आरएनएस) हादसा, अपराध, मेडिकल इमरजेंसी या महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा का संकट आते ही मदद के लिए अलग-अलग नंबर नहीं तलाशने पड़ेंगे, क्योंकि “एक्के नंबर सब्बो बर” की सोच के साथ डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन सेवा का ऐसा हाईटेक नेटवर्क शुरू हो गया है, जो पहाड़ों, जंगलों और दूरस्थ गांवों तक मिनटों में राहत पहुंचाने का दावा कर रहा है। पुलिस लाइन जशपुर में बुधवार को आयोजित भव्य कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय ने जिले को मिले 11 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल और 2 हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में जशपुर विधायक रायमुनी भगत, सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटीकला बोर्ड अध्यक्ष शम्भूनाथ चक्रवर्ती, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार समेत प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मीडिया और पुलिस अमला मौजूद रहा। कार्यक्रम के दौरान नेताओं और अधिकारियों ने साफ कहा कि डायल-112 अब सिर्फ पुलिस हेल्पलाइन नहीं बल्कि एकीकृत आपातकालीन सुरक्षा कवच बन चुका है, जिसमें पुलिस सहायता, मेडिकल इमरजेंसी, महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा सहायता और हाईवे इमरजेंसी जैसी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ी गई हैं। मंच से कहा गया कि जशपुर जैसे दूरस्थ और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में यह सेवा ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के लिए “लाइफलाइन” साबित होगी। विधायक गोमती साय ने कहा कि अब संकट की घड़ी में गांवों तक भी त्वरित मदद पहुंचेगी और लोगों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। विधायक रायमुनी भगत ने इसे जनता की सुरक्षा के लिए बड़ा जनहितकारी कदम बताते हुए लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 का जिम्मेदारी से उपयोग करें। कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि यह योजना शासन की “अंतिम व्यक्ति तक सेवा” की सोच को जमीन पर उतार रही है, जहां पुलिस, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच रियल टाइम समन्वय होगा। वहीं डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने खुलासा किया कि नई ईआरवी गाड़ियों में GPS ट्रैकिंग, रियल टाइम मॉनिटरिंग, मोबाइल डेटा टर्मिनल, वायरलेस सिस्टम, डैश कैम और आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं, जिससे कॉल मिलते ही नजदीकी वाहन सीधे घटनास्थल की ओर रवाना होगा। अधिकारियों ने बताया कि राज्य और जिला स्तर पर 24×7 अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर लगातार निगरानी करेंगे और प्रशिक्षित कॉल टेकर्स हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। खास बात यह है कि अब नागरिक सिर्फ फोन कॉल ही नहीं बल्कि 112 इंडिया ऐप, SMS, ई-मेल, चैटबॉट, वेब रिक्वेस्ट और सोशल मीडिया के जरिए भी मदद मांग सकेंगे। जशपुर जिले में इन वाहनों की तैनाती पत्थलगांव, बगीचा, कांसाबेल, कुनकुरी, तुमला, तपकरा, जशपुर, लोदाम, सन्ना, आस्ता और डायल-112 कंट्रोल रूम में की गई है, जहां से 24 घंटे सातों दिन सेवा दी जाएगी। कार्यक्रम में नई हाईटेक गाड़ियों का लाइव प्रदर्शन भी किया गया और बताया गया कि सड़क हादसों, महिला सुरक्षा, हाईवे पेट्रोलिंग और आपदा प्रबंधन में अब प्रतिक्रिया समय पहले से कहीं ज्यादा तेज होगा। बहरहाल, जशपुर में डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन की शुरुआत ने साफ संकेत दे दिया है कि अब आपात स्थिति में मदद का इंतजार नहीं, बल्कि “एक कॉल और सीधा रिस्पांस” वाला दौर शुरू हो चुका है।


