महासमुंद 20 मई (आरएनएस) अब हादसा हो, आग लगे या अपराध… महासमुंद में मदद के लिए पुलिस की हाईटेक फौज मिनटों में मौके पर पहुंचेगी। छत्तीसगढ़ डायल-112 फेज-2 जेन-नेक्स्ट योजना के तहत महासमुंद जिले को मिले 15 नए अत्याधुनिक ईआरव्ही और 4 हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था को नई रफ्तार दे दी है। पुलिस लाइन परेड ग्राउंड परसदा में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अफसरों की मौजूदगी में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर थानों के लिए रवाना किया गया। कैमरों, जीपीएस ट्रैकिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम और स्मार्ट रिस्पांस तकनीक से लैस ये वाहन अब जिले के शहरी से लेकर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों तक पुलिस, एम्बुलेंस और फायर सर्विस की त्वरित 3-इन-1 सुविधा उपलब्ध कराएंगे। खास बात यह है कि हाईवे पर लगातार बढ़ती दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों से निपटने के लिए 4 नए हाईवे पेट्रोलिंग वाहन भी तैनात किए गए हैं, जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर राहत और बचाव कार्य की गति कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। शासन द्वारा पुराने 112 वाहनों को बदलकर नई तकनीक से लैस इन संकटमोचक वाहनों को मैदान में उतारने के बाद अब घटनास्थल तक पहुंचने का रिस्पांस टाइम काफी कम होगा और आम लोगों को चौबीसों घंटे तेज सहायता मिल सकेगी। कार्यक्रम में विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू, कलेक्टर विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, भाजपा जिला कोषाध्यक्ष राहुल चंद्राकर, सरपंच पीताम्बर ध्रुव और समाजसेवी टिकेंद्र चंद्राकर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पांडेय, एसडीओपी अजय शंकर त्रिपाठी, डीएसपी चुन्नू तिग्गा, रक्षित निरीक्षक दीप्ति कश्यप समेत पुलिस विभाग और डायल-112 डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन सेंटर के अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। महासमुंद पुलिस ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी दुर्घटना, अपराध, आगजनी या आपात स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत डायल-112 पर कॉल करें, क्योंकि अब मदद सिर्फ एक कॉल की दूरी पर होगी। बहरहाल, हाईटेक तकनीक से लैस इन नए वाहनों के सड़क पर उतरने के बाद महासमुंद में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा तेज, मजबूत और भरोसेमंद नजर आने लगी है।


