महिला अधिवक्ता का बाल पकड़कर घसीटा, मोबाइल छीनकर फेंका
एसआरएन अस्पताल की सभी सेवाएं ठप
प्रयागराज 7 29 मिनट पहले
प्रयागराज 20 मई (आरएनएस )। स्वरूपरानी अस्पताल में बुधवार सुबह लगभग 6 बजें डॉक्टरों और वकीलों के बीच जमकर हंगामा हो गया। एक घायल महिला अधिवक्ता को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। इसी दौरान इलाज को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा- तफरी और तनाव का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
महिला अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में उनके साथ अभद्रता की गई। उनका कहना है कि उन्हें बाल पकड़कर घसीटा गया और पीटा गया। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से देर शाम तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
हंगामे के बाद सुबह 6 बजे से अस्पताल की सुविधाएं बंद हैं। दवा वितरण केंद्र बंद कर दिया गया है। मरीज और तीमारदार इधर-उधर भटक रहे हैं। थाना शाहगंज, कोतवाली, सिविल लाइन्स, खुलदाबाद, जॉर्ज टाउन की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है।
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष विशाल पांडे ने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में महिला अधिवक्ताओं का एक टूर्नामेंट आयोजित किया गया है, जिसकी प्रैक्टिस पिछले सप्ताह से चल रही है। शहर के अलग-अलग इलाकों से महिला अधिवक्ता और छात्राएं सुबह प्रैक्टिस के लिए आती हैं। उन्होंने बताया कि झूंसी निवासी जागृति शुक्ला सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रैक्टिस के लिए आ रही थीं। इसी दौरान रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया। हादसे के बाद उन्होंने अपने साथियों को फोन किया। कुछ लड़कियां और साथी अधिवक्ता उन्हें इलाज के लिए स्वरूपरानी अस्पताल लेकर पहुंचे।
विशाल पांडे का आरोप है कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर सो रहे थे और केवल एक-दो स्टाफ मौजूद थे। घायल की हालत गंभीर होने और फ्रैक्चर की आशंका के चलते साथी लगातार डॉक्टर को बुलाने की बात कह रहे थे। इसी बात पर विवाद शुरू हो गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर और स्टाफ गाली-गलौज पर उतर आए और फिर मारपीट शुरू कर दी। उनके मुताबिक घायल युवती के साथ आई लड़कियों, परिजनों और बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों को भी पीटा गया। यहां तक कि चौकी इंचार्ज के साथ भी हाथापाई हुई। घायल युवती के भाई अभिषेक शुक्ला ने बताया कि उनकी बहन जागृति शुक्ला का सुबह करीब साढ़े पांच बजे एक्सीडेंट हुआ था। स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अभिषेक के मुताबिक जब वह बहन को लेकर अंदर गए तो एक डॉक्टर चिल्लाने लगा। आरोप है कि डॉक्टर ने उनका मोबाइल छीनकर दीवार पर पटक दिया और थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की। उनका कहना है कि काफी देर तक घायल का इलाज नहीं किया गया, जिसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव बना रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया।
डीसीपी सिटी मनीष शांडिल्य ने बताया सुबह 6:30 बजे एसआरएन में एक महिला लगातार पेशेंट के तौर पर अपना इलाज कराने के लिए आई थी। वहां पर इलाज कराने को लेकर कुछ डॉक्टरों और पेशेंट के बीच आपस में वाद-विवाद हुआ। इसके चलते दोनों पक्षों में आपस में वाद-विवाद और मारपीट भी हुई है। मौके पर सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस बल और प्रशासन के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
जहां पर दोनों पक्षों को शांत कराया गया है। अभी दोनों पक्षों से वार्ता चल रही है। दोनों पक्षों की तरफ से कंप्लेंट्स हैं उसको लिया जा रहा है। मौके पर स्थिति अभी सामान्य है।
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