० विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को मिली सामग्री
धमतरी, 20 मई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन तिहार अभियान के तहत नगरी विकासखंड के ग्राम सिहावा में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर जनसेवा, त्वरित समाधान और प्रशासनिक संवेदनशीलता का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया। 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी के बीच आयोजित इस शिविर में लोगों ने उत्साहपूर्वक अपनी समस्याएं, मांगें और आवश्यकताएं प्रशासन के समक्ष रखीं।
शिविर में कुल 752 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 743 मांग संबंधी आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को त्वरित राहत प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि शिविर में शिकायत संबंधी एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ, जो शासन-प्रशासन के प्रति ग्रामीणों के बढ़ते विश्वास और संतुष्टि को दर्शाता है।
ग्राम सिहावा, रिसगांव, झुरातराई, खम्हरिया, बेलरगांव, गढड़ोंगरी, मुनईकेरा, हरदीभाटा, देवपुर, छिपलीपारा, बिरगुड़ी तथा सिरसिदा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर में पहुंचे। अधिकारियों ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं तथा अधिकांश मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सर्वा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे गांव तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता यह दर्शाती है कि लोगों का प्रशासन पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। सर्वा ने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को समय पर योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो।
शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष मेघु नेताम, जनपद सदस्य प्रेमलता नागवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। वहीं प्रशासनिक अमले में एसडीएम नगरी, जनपद पंचायत सीईओ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
जन समस्या निवारण के साथ-साथ शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को सामग्रियों का वितरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड एवं फूड बास्केट वितरित किए गए, महिला एवं बाल विकास विभाग ने सुपोषण किट प्रदान की। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग हितग्राही को व्हील चेयर उपलब्ध कराई गई, वहीं मत्स्य पालन विभाग ने मछुआरों को जाल एवं आइस बॉक्स प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहित किया।
सुशासन तिहार का यह शिविर ग्रामीणों के लिए भरोसे, राहत और संवाद का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा, जहां प्रशासन गांव की चौपाल तक पहुंचकर जनसमस्याओं के समाधान और योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य करता नजर आया।
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