अजय दीक्षित
हाल ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा 2029 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी विपक्ष के गठबन्धन के नेता होंगे। हालांकि अभी से 2029 के लोकसभा चुनाव पर टिप्पणी करना बहुत जल्द बाजी होगी क्योंकि अभी दो वर्ष भी पूरे नहीं हुए हैं। लेकिन लगता है कि लोकसभा से अलग राज्यों के चुनावों को समय समय पर आए परिणामों से कुछ हद तक पड़ा जा सकता है। अभी लोकसभा चुनाव के बाद दिल्ली हरियाणा, असम उड़ीसा, बिहार, झारखंड, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र, पश्चिमी बंगाल, केरल पांडिचेरी, त्रिपुरा , सिक्किम,तमिलनाड़ू, तेलंगाना,के चुनाव होगया और इस 2027 में उत्तर प्रदेश, पंजाब गुजरात,गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड,में होने है ।2028 में मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक,छत्तीसगढ़,के चुनाव होंगे , ओडिशा, आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनाव लोकसभा के साथ होंगे। नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश,भी 28 में चुनाव संभावित है।
भारतीय जनता पार्टी के पास अभी 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में सरकार है जबकि तमिलनाडु में इंडिया ब्लॉक, तेलंगाना, कर्नाटक,केरल में कांग्रेस सरकार है।
राजनीतिक दृष्टि से देखे तो हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिमी बंगाल,में भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में पिछडऩे के बाद विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल किया है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक चुनाव महत्व पूर्ण होगे। अगर भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में वापिसी करती है तो 2029 फतह करने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
कांग्रेस के लिए 2029 का चुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि अभी लोकसभा में विपक्ष की 230 सीट है जिसमें कांग्रेस की 100
और तृणमूल कांग्रेस की 29 , सपा 38,डीएमके 37,एनसीपी,शिव सेना, नेशनल कॉन्फ्रेंस की 04 ,राजद, और बहुत दल शामिल हैं।
टीवी रिपोर्टर और चुनाव विशेषज्ञ यशवंत देशमुख, मिलिंद खांडेकर, राजीव रंजन, आशुतोष, शाजिया इल्मी, जयंत घोषाल का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी अब 240 से बहुत आगे निकल चुकी है।उसे आगामी लोकसभा चुनाव में बिहार,40 , महाराष्ट्र 48, उत्तर प्रदेश 80, पश्चिमी बंगाल 42, हरियाणा 10, की कुल 220 सीट में से 80 फीसदी सीट मिल सकती है। मप्र,29 राजस्थान 25, दिल्ली,07 छत्तीसगढ़,11 ओडिशा 20, हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड 09
की कुल 91 सीट में से नब्बे फीसदी सीट मिल सकती है।
असम 13, अरुणाचल प्रदेश 02, त्रिपुरा 04, सिक्किम, मेघालय, नागालैंड की एक एक कुल मिलाकर 22 में कम से कम 18 लोकसभा सीट मिल सकती है। कुलमिलाकर अनुमान है कि 320 सीट बीजेपी जीत सकती है जबकि एनडीए 350 तक जा सकता है।
दक्षिण भारत में तेलंगाना मिला कर 35 सीट मिल सकती है
दक्षिण भारत में केरल 20, तमिलनाडु में 39, आंध्र प्रदेश 22
तेलंगाना 17, कर्नाटक में 28 कुलमिलाकर 126 सीट है यहां पर कांग्रेस को विजय की पार्टी के साथ 75 सीट मिल सकती है।
विपक्ष का जो भी गठबन्धन बने नेता राहुल गांधी ही होंगे क्योंकि बंगाल से ममता बनर्जी की हार से राहुल गांधी के लिए विपक्ष के नेता बनने का रास्ता साफ हो गया है क्योंकि विजय,डीएमके के स्टालिन, राजेडी तेजस्वी यादव, शरद पवार, उद्धव ठाकरे, उनके नाम पर सहमत हो सकते हैं। केवल अरविंद केजरीवाल, सपा नेता अखिलेश स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि पंजाब में आप का मुकाबला कांग्रेस के साथ है और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का मुकाबला बीजेपी से लेकिन कांग्रेस भी तम्मन्ना रखती है कि एक दर्जन सांसद हो उत्तर प्रदेश से । लेकिन अगर विधानसभा चुनाव में सपा कांग्रेस का समझौता नहीं हुआ तो कांग्रेस को उत्तर प्रदेश से कुछ नहीं मिल सकता है।यह सही है कि राहुल गांधी के अलावा कोई विशेष नेता विपक्ष के पास नहीं है। हां अब ममता बनर्जी खाली है और उन्होंने कहा भी है कि अब वे इंडी एलायंस का हिस्सा है लेकिन राहुल गांधी उनको अब भाव नहीं देंगे क्योंकि जब वे बंगाल में सत्ता में थी तब राहुल गांधी को भाव नहीं देती थीं।उनकी बजह से ही नीतीश कुमार एनडीए में बापिस हुए।क्योंकि उन्होंने नीतीश को इंडी एलायंस का कन्वीनर मानने से इनकार कर दिया था। ममता बनर्जी को कोई भाव नहीं दे रहा है केवल समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव रस्सी का सांप बनाना चाहते हैं।
सीपीई, सीपीएम,लेफ्ट पार्टियों का कोई बाजूद नहीं रहा है।
लोकसभा चुनाव में एक दहाई में समित जायेंगे।
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