देहरादून,22 मई (आरएनएस)। शहर की विभिन्न मस्जिदों में जुमे की नमाज के दौरान भीषण गर्मी से निजात और बारिश के लिए खुदा की बारगाह में सामूहिक रूप से हाथ उठे। शहर काजी मुफ्ती हशीम सिद्दीकी, मुफ्ती सलीम कासमी, मुफ़्ती वासिल, मौलाना अब्दुल मन्नान और मुफ्ती अयाज ने अपनी तकरीर में अल्लाह से रहमत की बारिश करने की दुआ कराई। आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मद्देनजर उलेमाओं ने साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया। जमीयत उलेमा और इमामों ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि कुर्बानी एक अहम इबादत है, इसे पूरी शांति, कानून के दायरे और मुकम्मल सफाई के साथ अंजाम दिया जाए। जमीयत अध्यक्ष मौलाना अब्दुल मन्नान कासमी, शहर अध्यक्ष मुफ्ती अयाज, कोषाध्यक्ष मास्टर अब्दुल सत्तार ने स्पष्ट कहा है कि सड़क, गली, चौराहे या सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी न करें। कुर्बानी के बाद खून और अवशेषों को नालियों या सड़कों पर न बहाएं, बल्कि तुरंत साफ-सफाई सुनिश्चित करें ताकि दुर्गंध से आस-पड़ोस में किसी को परेशानी न हो। दिखावे से बचते हुए कुर्बानी की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डालने से पूरी तरह परहेज करने की सख्त हिदायत दी गई है। उलेमाओं ने आपसी भाईचारा कायम रखने और ईद की नमाज सड़कों पर न पढऩे की भी गुजारिश की है। मुफ़्ती वासिल ने सना मस्जिद में ऐलान किया कि सुभाषनगर ईदगाह में नमाज सात बजे होगी। कहा नमाज एक ही बार होगी और सड़क पर नहीं होगी।
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