वाशिंगटन,23 मई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप की हत्या का साजिश रचने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस शख्स ने अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए इवांका को मारने की योजना बनाई थी। संदिग्ध की पहचान 32 वर्षीय मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने 32 साल के इराकी नागरिक अल-सादी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से इवांका और उनके पति जैरेड कुशनर के फ्लोरिडा स्थित घर का नक्शा भी मिला था। उसने सोशल मीडिया पर लिखा था, अमेरिका वाले यह समझ लें कि सिर्फ कड़ी सुरक्षा और सीक्रेट सर्विस से वे सुरक्षित नहीं रहेंगे। हम उन पर नजर रख रहे हैं और सही समय आने पर बदला लिया जाएगा।
आरोप है कि अल-सादी ईरानी सैन्य प्रमुख कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए इवांका को निशाना बनाना चाह रहा था। रिपोर्ट में सूत्रों
ने इराकी दूतावास में पूर्व उप सैन्य अटैची के हवाले से कहा, कासिम की हत्या के बाद, अल-सादी लोगों से कहने लगा कि हमें इवांका को मारना होगा ताकि हम ट्रंप के घर को उसी तरह जला सकें जैसे उसने हमारा घर जलाया था।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अल-सादी हिजबुल्लाह और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) दोनों से जुड़ा हुआ है। अल-सादी का सुलेमानी के साथ घनिष्ठ संबंध था और 2006 में पिता की मौत के बाद वो सुलेमानी को पिता तुल्य मानता था। बताया जाता है कि वह अपनी इराकी मां के साथ बगदाद में पला-बढ़ा। बाद में उसने ईरानी सेना के आईआरजीसी के साथ प्रशिक्षण के लिए तेहरान भेजा गया था।
अमेरिकी न्याय विभाग ने अल-सादी पर यूरोप और अमेरिका में 18 हमलों और हमले के प्रयासों के आरोप लगाए हैं। अधिकारियों ने उस पर एम्स्टर्डम में बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलन में आगजनी, लंदन में 2 यहूदियों की चाकू मारकर हत्या और टोरंटो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास भवन में गोलीबारी में शामिल होने का आरोप लगाया। उस पर बेल्जियम में एक यहूदी प्रार्थना स्थल पर बमबारी और रॉटरडैम में एक धार्मिक स्थल पर आग लगाने में शामिल होने के आरोप हैं।
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