जशपुर 25 मई (आरएनएस) में इंसानियत को शर्मसार करने वाली वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया, जहां मानसिक रूप से कमजोर 32 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म करते आरोपी को पीड़िता के परिजनों ने रंगेहाथ पकड़ लिया और अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला जशपुर के थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है, जहां 23 मई 2026 को पीड़िता की छोटी बहन ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उसकी बड़ी बहन पिछले 15-16 वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ है, किसी से बातचीत नहीं करती और परिवार के साथ ही रहती है। 21 मई की शाम करीब 6 बजे पीड़िता घर के आंगन में बैठी थी, लेकिन एक घंटे बाद जब परिवार उसे खाना खिलाने पहुंचा तो वह गायब मिली। परिवार घबराकर गांव में तलाश करने लगा। इसी दौरान जब वे 41 वर्षीय आरोपी संतोष राम के घर के पास पहुंचे तो अंदर से पीड़िता की खांसी की आवाज सुनाई दी। परिजन तुरंत घर के भीतर पहुंचे तो देखा कि आरोपी संतोष राम मानसिक रूप से कमजोर युवती के साथ आपत्तिजनक हालत में था। परिवार को देखते ही आरोपी मौके से भाग निकला। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस ने तत्काल बीएनएस की धारा 64(2)(k) और 87 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी को उसके घर से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर 24 मई 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मोर ध्वज देशमुख, महिला प्रधान आरक्षक सावित्री भगत सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। डॉ लाल उमेद सिंह ने साफ कहा कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। बहरहाल, यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि समाज के लिए चेतावनी है कि मानसिक रूप से कमजोर और असहाय लोगों की सुरक्षा में जरा सी लापरवाही भी भयावह साबित हो सकती है।
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