जबलपुर 27 मई (आरएनएस)। तिलवारा घाट पर एक महिला 44 डिग्री तापमान में अग्नि तपस्या कर रही हैं। गंगा दशहरा पर शुरू हुई यह तपस्या लगातार पांच दिनों तक चलेगी। इस दौरान वह रोज दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक अग्नि के बीच साधना करेंगी। तपस्या करने वाली इस महिला का नाम साध्वी पूजा जायसवाल है।
मां नर्मदा के तिलवारा घाट पर 251 कंडों की अग्नि जलाकर उसे आठ हिस्सों में विभाजित किया गया है। साध्वी पूजा इन अग्नि कुंडों के बीच बैठकर कठोर तप कर रही हैं।
साधना से पहले मां नर्मदा में स्नान, पूजन और आरती की जाती है। दोपहर में दो घंटे अग्नि तपस्या होती है। इसके बाद शाम को आरती और रात्रि में हवन किया जाता है। पूजा जायसवाल ने बताया कि वह मां दुर्गा और गोरखनाथ बाबा की आराधना कर रही हैं। उनका उद्देश्य सनातन धर्म के पालन, देश में शांति और जनकल्याण की प्रार्थना करना है।
पूजा जायसवाल के गुरु और कालीमठ मंदिर के पुजारी महंत चंद्रशेखरआनंद ने बताया कि साध्वी ने उनकी अनुमति लेकर यह कठिन साधना शुरू की है। इससे पहले नवरात्रि में उन्होंने नौ दिन तक पूरे शरीर पर जवारे रखकर तप किया था।
तपस्या की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिलवारा घाट पहुंच रहे हैं। लोग पूजा जायसवाल की साधना में शामिल होकर दर्शन कर रहे हैं।

