अंबिकापुर 28 मई ( आरएनएस) “कुछ हजार रुपये के लालच में बैंक खाते बेच दिए गए और उन्हीं खातों से देशभर में साइबर ठगी का काला खेल चलता रहा”, सरगुजा पुलिस ने म्यूल अकाउंट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। थाना गांधीनगर पुलिस ने उत्तरप्रदेश, बिहार और तेलंगाना से दर्ज ऑनलाइन साइबर शिकायतों के आधार पर तीन अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 1 लाख 44 हजार 200 रुपये की साइबर ठगी राशि से जुड़े खातों का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खाते और मोबाइल नंबर साइबर ठगों को किराये या बिक्री पर देकर ऑनलाइन फ्रॉड का हिस्सा बने हुए थे। पहले मामले में बैंक ऑफ महाराष्ट्र अम्बिकापुर के खाता क्रमांक 60505796078 के धारक अभय रक्सेल पिता भोला रक्सेल उम्र 25 वर्ष निवासी दर्रीपारा अम्बिकापुर को गिरफ्तार किया गया। उसके खाते के खिलाफ उत्तरप्रदेश से साइबर शिकायत दर्ज थी और खाते में 17,780 रुपये की संदिग्ध राशि ट्रांसफर होना पाया गया। दूसरे मामले में अम्बिका खलखो पिता रमेश खलखो निवासी शिकारी रोड उरांवपारा बौरीपारा अम्बिकापुर जिला सरगुजा को गिरफ्तार किया गया, जिसके खाते के खिलाफ बिहार से ऑनलाइन शिकायत दर्ज थी और खाते में 31,420 रुपये की साइबर ठगी राशि आने की पुष्टि हुई। तीसरे मामले में सरद हलदार पिता हरिमोहन हलदार उम्र 41 वर्ष निवासी सरगवां सकालो जिला सरगुजा और राजा हलदार पिता भरत हलदार उम्र 25 वर्ष निवासी किशुननगर सरगवां थाना गांधीनगर जिला सरगुजा को गिरफ्तार किया गया। इनके खाते और मोबाइल नंबर के जरिए तेलंगाना से जुड़े साइबर फ्रॉड में 95 हजार रुपये ट्रांसफर होना पाया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बैंक खाते और मोबाइल नंबर 1500 से 2000 रुपये में बेच दिए थे। आरोपियों के खिलाफ थाना गांधीनगर में धारा 317(4), 318(4) और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी, साइबर सेल प्रभारी अजीत मिश्रा, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, अमृत सिंह, विकास सिंह, रिषभ सिंह, जितेश साहू और राहुल केरकेट्टा की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस अब इन खातों का इस्तेमाल करने वाले बड़े साइबर गिरोह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, क्योंकि साइबर ठगी की दुनिया में “म्यूल अकाउंट” अब अपराधियों का सबसे खतरनाक हथियार बन चुके हैं।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

