कोरिया 20 जून (आरएनएस) चार दिन तक फरार रहकर कानून से आंख-मिचौली कर रहे नौगई तिहरे हत्याकांड के पांच मुख्य आरोपियों ने आखिरकार पुलिस के लगातार बढ़ते दबाव के आगे घुटने टेक दिए। संयुक्त पुलिस टीम की लगातार दबिश और सघन तलाश के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सोनहत थाना क्षेत्र के ग्राम नौगई में 16 जून की रात आपसी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया था। आरोपियों ने एक कार में आग लगा दी, जिसमें तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे कोरिया जिले में हड़कंप मच गया था। मामले में प्रार्थी आदित्य सिंह, पिता भारत कुमार सिंह, निवासी महलपारा बैकुंठपुर की शिकायत पर थाना सोनहत में अपराध क्रमांक 66/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, 191(2), 191(3), 109, 324, 103(1) एवं 326(जी) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन तथा एमसीबी पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. सुरेशा चौबे के मार्गदर्शन में एमसीबी और कोरिया पुलिस की संयुक्त टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी रही। इससे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। लगातार दबिश और परिजनों व सहयोगियों पर बढ़ते पुलिस दबाव के बाद 20 जून को फरार चल रहे पांचों मुख्य आरोपी—निशांत त्रिपाठी (पिता सत्य कुमार त्रिपाठी), मनोज त्रिपाठी (पिता राममिलन त्रिपाठी), अमन त्रिपाठी (पिता महेंद्र त्रिपाठी), गौरव त्रिपाठी (पिता अंजनी त्रिपाठी) तथा आशुतोष त्रिपाठी (पिता मनोज त्रिपाठी), सभी निवासी ग्राम नौगई, थाना सोनहत—को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
बहरहाल, तिहरे हत्याकांड में अब सभी मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे हैं, लेकिन पुलिस की विवेचना अभी जारी है और मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।

