रायपुर, 28 मई (आरएनएस)। राजधानी रायपुर से लगे मंदिर हसौद क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। 22 मई से लापता युवक भुवनेश्वर यादव की हत्या कर शव को महानदी किनारे रेत में दफनाने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक भुवनेश्वर यादव नकटी गांव का निवासी था और मोनेट कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। युवक के लापता होने पर परिजनों ने मंदिर हसौद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना वाले दिन मंदिर हसौद शराब भ_ी के पीछे कुछ लोग बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान पानी को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि इसी विवाद में भुवनेश्वर यादव और निर्दलीय पार्षद गोलू रात्रे के बीच तीखी बहस हुई।
पुलिस के अनुसार विवाद बढऩे पर आरोपी युवक को कार में बैठाकर महासमुंद जिले के महानदी किनारे नांदगांव घाट क्षेत्र ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को रेत में दफनाकर सबूत मिटाने की कोशिश की।
तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में यह भी सामने आया कि घटना की शाम भुवनेश्वर यादव ने अपनी पत्नी से फोन पर बात की थी और पार्षद से भी उसकी बातचीत कराई गई थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया था।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर महानदी किनारे से शव बरामद कर लिया है। चूंकि घटना स्थल महासमुंद जिले में आता है, इसलिए मामले की आगे की जांच महासमुंद पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका, साजिश और सबूत मिटाने के पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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