०नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं विभिन्न उर्वरक समूहों के माध्यम से फसल उत्पादन बढ़ाने पर जोर
गरियाबंद,28 मई(आरएनएस)। जिला प्रशासन के द्वारा उर्वरक के अवैध परिवहन, कालाबाजारी, मुनाफाखोरी रोकने तथा शासन द्वारा निर्धारित दर पर कृषकों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर श्री बीएस उइके के निर्देश पर कृषि विभाग के उप संचालक, जिला विपणन अधिकारी, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, सहायक आयुक्त सहकारी संस्थाएं द्वारा कृषकों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिले के कृषको को गुणवत्तायुक्त रासायनिक उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने के लिए समस्त उर्वरक निरीक्षकों को सहकारी एवं निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का सतत निरीक्षण करने तथा अनियमितता पाये जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिये है। संबंधित प्रतिष्ठानों में पीओएस मशीन के माध्यम से कृषकों को शासन द्वारा प्रति एकड़ अनुसंशित मात्रा के आधार पर निर्धारित दर में उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।वर्तमान में जिले के सहकारी क्षेत्रों में यूरिया-10037, डीएपी-2086, एसएसपी-2308. एमओपी-1071 एवं एनपीके-2316 कुल-17818 मि.टन रासायनिक उर्वरक तथा नैनो यूरिया-10511 बॉटल एवं नैनो डीएपी-8323 बॉटल भण्डारित है। धान के पकने की अवधि के आधार पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा डी.ए.पी. उर्वरक के साथ-साथ अन्य उर्वरकों का समावेश कर संतुलित उर्वरक के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न उर्वरक समूह की अनुसंशा की गई है। उर्वरक समूह की संपूर्ण जानकारी सहकारी समितियों में चस्पा किया गया है। इसके अनुसार समितियों से खाद उठाव के लिये किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।उर्वरक समूह-01 में यूरिया, डीएपी, म्यूरेट ऑफ पोटाश, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी, उर्वरक समूह-02 में यूरिया, एसएसपी, म्यूरेट ऑफ पोटाश, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी, उर्वरक समूह-03 में यूरिया, एनपीके (12:32:16) म्यूरेट ऑफ पोटाश, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी, उर्वरक समूह-04 में यूरिया, टीएसपी, म्यूरेट ऑफ पोटाश, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी, उर्वरक समूह-05 में यूरिया, एनपीके (14:35:14), म्यूरेट ऑफ पोटाश, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी, उर्वरक समूह-06 में यूरिया, एनपीके (10:26:10) न्यूरेट ऑफ पोटाश, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी,उर्वरक समूह-07 में यूरिया, एनपीके (16:16:16), म्यूरेट ऑफ पोटाश, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी, उर्वरक समूह-08 में यूरिया, एनपीके (20:20:0:13), म्यूरेट ऑफ पोटाश, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी, उर्वरक समूह-09 में यूरिया, एनपीके (28:28:0), म्यूरेट ऑफ पोटाश, नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी।जिले के समस्त सीमांत कृषकों (0-2.5 एकड़ तक) को निर्धारित मात्रा एक मुश्त, लघु कृषकों (2.5 से 5 एकड़ तक) को निर्धारित मात्रा में यूरिया 2 किश्त (द्वितीय किश्त प्रथम किश्त के 20 दिवस के बाद) तथा दीर्घ कृषकों (5 एकड़ से अधिक) को निर्धारित मात्रा में यूरिया 3 किश्त (द्वितीय किश्त प्रथम किश्त के 20 दिवस एवं तृतीय किश्त द्वितीय किश्त के 20 दिवस के बाद) प्रदाय की जायेगी। कृषकों को इन उर्वरकरें के साथ-साथ नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी भी उपलब्ध कराई जा रही है।नैनो उर्वरक का उपयोग नैनो यूरिया का उपयोग धान के पकने की अवधि के अनुसार निर्धारित है। प्रथम स्प्रे धान के बुवाई अथवा रोपाई के 30-40 दिन तथा द्वितीय स्प्रे 60-70 दिन में 500 उस मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में पर्णीय छिड़काव कर सकते है। धान की फसल में नैनो यूरिया के 2 स्प्रे (500 मि.ली. की बोतल प्रति छिड़काव प्रति एकड़) करने से कुल 25 प्रतिशत नाइट्रोजन की बचत की जा सकती है।
नैनो डीएपी (8:16) का उपयोग बीज उपचार के रूप में 200 मिली मात्रा को 3 लीटर पानी में घोलकर 30 किया धान के बीज को उपचारित कर छायादार स्थान में आधे घंटे तक रखकर हवा में सुखाकर बुवाई कर सकते है। रोपाई विधि हेतु नैनो डीएपी (6:16) की 200 मि.ली. मात्रा को 40 लीटर पानी में घोलकर धान की रोपाई पूर्व 30 मिनट तक जड़ उपचार कर रोपाई कर सकते है। पर्णीय छिड़काव धान की बुवाई अथवा रोपाई के समय दानेदार डीएपी, एनपीके की आधी मात्रा उपयोग किया जाना चाहिए। इसके 25-30 दिनों के पश्चात प्रति एकड़ नैनो डीएपी की 300 मिली मात्रा को 125-150 लीटर पानी में घोलकर खड़ी फसल में पर्णीय छिड़काव कर बेहतर परिणाम लिया जा सकता है। धान की फसल में नैनो डीएपी (8:16) की एक बोतल (500 मि.ली.) प्रति एकड़ के उपयोग करने से कुल 50 प्रतिशत
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