रायपुर 29 मई (आरएनएस) “गुमशुदगी की एक साधारण रिपोर्ट ने ऐसा सनसनीखेज हत्याकांड उजागर किया कि पुलिस भी दंग रह गई। शराब पार्टी के दौरान हुई मौत को छिपाने के लिए दोस्तों ने शव को महानदी किनारे रेत में दफना दिया, लेकिन सीसीटीवी और तकनीकी जांच ने पूरे राज से पर्दा उठा दिया।” मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के इंदिरा कॉलोनी निवासी भुनेश्वर यादव, उम्र 38 वर्ष, 22 मई 2026 की रात नोहर दास रात्रे उर्फ गोलू रात्रे के गोदाम से अचानक लापता हो गया था। उसकी पत्नी ईश्वरी यादव ने 23 मई को गुमशुदगी दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने गुम इंसान क्रमांक 59/2026 दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और भुनेश्वर के साथ आखिरी बार देखे गए तीन लोगों से पूछताछ की, लेकिन वे लगातार पुलिस को गुमराह करते रहे। तकनीकी साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के बाद नोहर दास रात्रे उर्फ गोलू रात्रे, उम्र 35 वर्ष, निवासी इंदिरा कॉलोनी मंदिर हसौद, अमित राजपूत, उम्र 37 वर्ष, निवासी श्रीराम नगर रावणभाठा मंदिर हसौद और हेमचंद बंजारे उर्फ सोनू बंजारे, उम्र 28 वर्ष, निवासी इंदिरा कॉलोनी मंदिर हसौद टूट गए और पूरी वारदात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि चारों लोग गोदाम में शराब पी रहे थे। बाद में ब्रेजा कार क्रमांक CG 04 PH 9996 से महासमुंद की ओर निकले, जहां रास्ते में विवाद के दौरान भुनेश्वर यादव ने नोहर रात्रे को थप्पड़ मार दिया। इससे आक्रोशित होकर तीनों ने मिलकर भुनेश्वर की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। घबराए आरोपियों ने नोहर रात्रे के मामा श्रवण जांगड़े निवासी नांदगांव की मदद से शव को महानदी किनारे रेत में गड्ढा खोदकर दफना दिया। 28 मई को आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कराया और परिजनों ने उसकी पहचान भुनेश्वर यादव के रूप में की। घटना स्थल महासमुंद थाना क्षेत्र का होने से वहां अपराध क्रमांक 322/2026 धारा 103(1), 238, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बहरहाल, यह मामला बताता है कि अपराध चाहे कितनी भी चालाकी से छिपाया जाए, सच आखिरकार जमीन के नीचे से भी बाहर आ ही जाता है।
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