रायगढ़ 29 मई (आरएनएस) अवैध शराब कारोबारियों पर रायगढ़ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है और “ऑपरेशन आघात” के तहत एक ही दिन में तीन शराब कारोबारियों को पकड़कर पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि अब नशे का अवैध धंधा जिले में आसानी से नहीं चल पाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तमनार और खरसिया पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल 34 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। तमनार थाना क्षेत्र के ग्राम उत्तर रेगांव में मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश दी, जहां आरोपी बसंत सिदार पिता खगेश्वर सिदार उम्र 35 वर्ष निवासी उत्तर रेगांव अपने घर की बाड़ी में हाथ भट्ठी से बनी महुआ शराब बिक्री के लिए छिपाकर रखा हुआ था। तलाशी में तीन जरीकेनों से कुल 15 लीटर महुआ शराब बरामद हुई जिसकी कीमत करीब 3 हजार रुपये बताई गई। आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क) के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं चौकी खरसिया पुलिस ने निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में दो अलग-अलग कार्रवाई की। पहली कार्रवाई तेलीकोट घरसापार क्षेत्र में हुई जहां शैलेन्द्र महिस पिता स्वर्गीय केशव प्रसाद महिस उम्र 35 वर्ष निवासी महिस मोहल्ला तेलीकोट के कब्जे से 7 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। दूसरी कार्रवाई ग्राम अंजोरीपाली में की गई जहां दुबे सिंह राठिया पिता शिव सिंह राठिया निवासी अंजोरीपाली को 12 लीटर हाथ भट्ठी से बनी महुआ शराब के साथ पकड़ा गया। दोनों मामलों में आबकारी अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया। गौरतलब है कि रायगढ़ पुलिस का “ऑपरेशन आघात” अब गांव-गांव तक पहुंच चुका है और अवैध शराब निर्माण, परिवहन तथा बिक्री में शामिल लोगों पर लगातार कार्रवाई जारी है। बहरहाल, पुलिस का संदेश साफ है कि नशे के कारोबार से जुड़े लोग या तो यह धंधा छोड़ दें या फिर कानून की कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
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