कबीरधाम 31 मई (आरएनएस) 28 मई को घर से निकला युवक जब वापस नहीं लौटा तो किसी को अंदाजा नहीं था कि उसके गायब होने के पीछे ब्लैकमेल, अवैध संबंध और एक खौफनाक हत्या की साजिश छिपी है। कबीरधाम पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कबीरधाम जिले के थाना बोडला अंतर्गत चौकी पौड़ी क्षेत्र के ग्राम बैहरसरी निवासी कोमल वर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक का शव थाना पांडातराई क्षेत्र के ग्राम सोंढा में एक बोरी के भीतर बरामद हुआ था, जिसके बाद पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बोडला अखिलेश कौशिक के पर्यवेक्षण में थाना बोडला और चौकी पौड़ी पुलिस ने जांच को तेजी से आगे बढ़ाया।
जांच में सामने आया कि कोमल वर्मा 28 मई 2026 को घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। परिजनों की शिकायत पर गुम इंसान दर्ज कर पुलिस ने कॉल डिटेल और अंतिम लोकेशन का विश्लेषण किया। जांच की कड़ी आरोपी महिला मंदाकिनी वर्मा तक पहुंची। पूछताछ में महिला ने बताया कि मृतक उसे कथित अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करता था और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाता था। घटना की रात मृतक के दोबारा संपर्क करने पर उसने उसे घर बुलाया। वहां घर निर्माण में उपयोग होने वाले बड़े पाना से उस पर हमला किया गया। इसी दौरान महिला का पति रामस्नेही वर्मा जाग गया और दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को घर में छिपाकर रखा गया। अगले दिन रामस्नेही वर्मा ने अपने भाई रूपेश वर्मा की मदद से शव को बोरी में भरकर ट्रैक्टर से ग्राम सोंढा ले जाकर फेंक दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की घटना में मुख्य भूमिका आरोपी मंदाकिनी वर्मा और उसके पति रामस्नेही वर्मा की रही, जबकि शव को ठिकाने लगाने में रूपेश वर्मा ने सहयोग किया।
गिरफ्तार आरोपियों में रामस्नेही वर्मा निवासी ग्राम बैहरसरी, चौकी पौड़ी, थाना बोडला, जिला कबीरधाम, मंदाकिनी वर्मा निवासी ग्राम बैहरसरी, चौकी पौड़ी, थाना बोडला, जिला कबीरधाम तथा रूपेश वर्मा निवासी ग्राम बैहरसरी, चौकी पौड़ी, थाना बोडला, जिला कबीरधाम शामिल हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 62/2026 के तहत धारा 103(1), 238(3) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि कॉल डिटेल, अंतिम लोकेशन और पूछताछ के जरिए कबीरधाम पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा दी। बहरहाल, यह मामला बताता है कि ब्लैकमेल, दबाव और अपराध की राह आखिरकार सलाखों तक ही पहुंचती है, जबकि कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं होता।


