०मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन,
०वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान,
०मार्तंड उत्सव के तहत साल भर होंगे अलग अलग आयोजन
रायपुर,31 मई। हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा शनिवार को पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। दिनभर चले विभिन्न सत्रों में पत्रकारिता के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों, नई मीडिया की भूमिका तथा पत्रकारिता के भविष्य पर गंभीर विमर्श हुआ। कार्यक्रम में प्रदेशभर के वरिष्ठ पत्रकारों, मीडिया शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकार साथियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।उत्सव के शुभारंभ सत्र में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, इंडिया हेरिटेज सेंटर के निदेशक एवं वरिष्ठ पत्रकार के. जी. सुरेश, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा तथा राम मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सुनील रामदास अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। पत्रकार समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। राज्य सरकार पत्रकारों के हितों और उनकी सुरक्षा को लेकर संवेदनशील है तथा भविष्य में और बेहतर पहल की जाएगी।
इंडिया हेरिटेज सेंटर के निर्देश के. जी. सुरेश ने हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय जागरण को दिशा दी है। बदलते समय में तकनीक भले बदल जाए, लेकिन पत्रकारिता का मूल धर्म जनहित और सत्य की स्थापना ही है।
वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि सूचना क्रांति के इस दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है। समाज को सही दिशा देने में मीडिया की भूमिका निर्णायक है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब की टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन भी किया। इस डायरेक्टरी में रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों एवं पत्रकारिता जगत से जुड़े महत्वपूर्ण संपर्कों को संकलित किया गया है, जो पत्रकारों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री के रूप में उपलब्ध रहेगी।
वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले 15 वरिष्ठ पत्रकारों को जीवन पर्यंत पत्रकारिता सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मानित पत्रकारों में शेषकरण जैन, बाबूलाल शर्मा, श्रीमती आशा शुक्ला, नरेन्द्र पारख, आसिफ इक़बाल, सुहास राजिमवाले, दिवाकर मुक्तिबोध, कौशल शर्मा, परमानंद वर्मा, राजेश शर्मा (बबलू भैया), ओ. पी. शर्मा, सनत चतुर्वेदी, कौशल मिश्रा, ठाकुर राम साहू तथा मोहसिन अली सुहैल शामिल रहे।
पत्रकारिता : स्याही से स्क्रीन तक विषय पर गंभीर विमर्श
दूसरे सत्र में पत्रकारिता : स्याही से स्क्रीन तक – चुनौतियां और संभावनाएं विषय पर चर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी, विजय मनोहर तिवारी, सुभाष मिश्रा एवं गिरीश पंकज ने अपने विचार रखे।
विचारक एवं वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा कि तकनीक के विस्तार ने पत्रकारिता को नई गति दी है, लेकिन विश्वसनीयता और निष्पक्षता आज भी पत्रकारिता की सबसे बड़ी पूंजी है।छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की मुक्ति को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए राष्ट्रीय मीडिया में इसकी कम चर्चा होने पर चिंता प्रकट की और पत्रकारिता को सजग रहने की जरूरत बताई
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को विचार और दिशा देने की प्रक्रिया है। बदलती तकनीक के बीच पत्रकारिता के मूल मूल्यों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
वरिष्ठ पत्रकार सुभाष मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद जनसरोकारों को हमेशा प्राथमिकता दी है। यही उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है।
वरिष्ठ पत्रकार गिरीश पंकज ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक चेतना और बौद्धिक संवाद को मजबूत करना भी है।
इस सत्र में पत्रकारिता में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, निष्पक्षता की कसौटी, फेक न्यूज की चुनौती तथा छत्तीसगढ़ में बेहतर होते सुरक्षा माहौल और उसके मीडिया पर प्रभाव को लेकर भी चर्चा हुई।
न्यूज़ रूम से न्यू मीडिया तक विषय पर रखे विचार
तीसरे सत्र का विषय पत्रकारिता : न्यूज़ रूम से न्यू मीडिया तक रहा। इस सत्र में प्रसिद्ध एंकर एवं विचारक अमिताभ अग्निहोत्री, बंसल न्यूज के प्रधान संपादक शरद द्विवेदी, आईपीसी के मैनेजिंग एडिटर विश्वेश ठाकरे, वरिष्ठ पत्रकार रूद्र अवस्थी तथा अनिल प्रसाद ने अपने विचार रखे।
जाने माने एंकर अमिताभ अग्निहोत्री ने कहा कि डिजिटल युग में सूचना का प्रवाह तेज हुआ है, लेकिन पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना पहले से अधिक आवश्यक हो गया है।शरद द्विवेदी प्रधान संपादक बंसल न्यूज़ ने कहा कि “न्यू मीडिया और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता के स्वरूप को व्यापक बनाया है, लेकिन खबरों के सत्यापन और संपादकीय अनुशासन की आवश्यकता आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी पारंपरिक मीडिया में थी।”विश्वेश ठाकरे मैनेजिंग एडिटर आईबीसी ने कहा कि “डिजिटल प्लेटफॉर्म ने हर व्यक्ति को अभिव्यक्ति का माध्यम दिया है, लेकिन पत्रकारिता और कंटेंट क्रिएशन के बीच का अंतर समझना जरूरी है। तथ्य, संतुलन और जवाबदेही ही पत्रकारिता की पहचान हैं।”वक्ताओं ने सोशल मीडिया के प्रभाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग, डिजिटल पत्रकारिता की चुनौतियों और अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।सांस्कृतिक संध्या में पत्रकारों ने बिखेरे सुरउत्सव के अंतिम सत्र में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। जेपी ग्रुप के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। वहीं पत्रकार साथियों ने भी अपनी गायन प्रतिभा से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।सांस्कृतिक संध्या में शकुंतला तरार, रत्न शर्मा, कौशल सोनवीर, राहुल सिंह, अनि पुसदकर, मुकेश वर्मा तथा हेमंत पाणिग्रही ने विशेष प्रस्तुतियां दीं।वर्षभर होंगे हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी के आयोजनकार्यक्रम के समापन अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु तथा संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेंद्र जांगड़े ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर पत्रकार जगत को शुभकामनाएं दीं।पदाधिकारियों ने घोषणा की कि हिंदी पत्रकारिता की द्विशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में वर्षभर विभिन्न विषयों पर व्याख्यानमाला, संवाद, सम्मान समारोह, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा पत्रकारिता से जुड़े विविध आयोजन किए जाएंगे।इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार , प्रशांत शर्मा, रामावतार तिवारी, बृजेश चौबे, राजेंद्र निगम , अंशुमन शर्मा, संदीप पौराणिक, संतोष साहू, चंदन साहू, नीरज मिश्रा, संजीव सिन्हा, शंकर चंद्राकर,दीपक पांडे, विद्या भूषण, पवन ठाकुर, प्रदीप चंद्रवंशी, पुनीत सोनकर, शुभम वर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में राजनांदगांव बिलासपुर एवं भिलाई दुर्ग के प्रेस क्लब अध्यक्ष भी मौजूद रहे
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