जबलपुर 2 जून (आरएनएस)। सालों से चल रही पुलिस जनसुनवाई में अब ऐसा हो रहा है कि त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस कप्तान संपत उपाध्याय के पास पहुंचने वाली अर्जी की फोटो खींची जाती है और उसे संबंधित थाने को भेज दिया जाता है। उसके बाद उस शिकायत पर कितना अमल होता है, ये तो भगवान जाने? जन सुनवाई में पीडि़तों की भीड़ बढ़ती जा रही है, जिससे जाहिर है कि थानों में उन्हें राहत नहीं मिल रही है। एसपी को शिकायत करने से उन्हें राहत तो जरूर मिल रही है। मंगलवार को की गई पुलिस जन सुनवाई में पुलिस अधीक्षक के पास 75 अर्जी आई हैं। इनका त्वरित निराकरण के लिए संबंधित थानों को भेज दी गई है। शहर और देहात की अधिकांश शिकायतें पति-पत्नि, परिवारिक एवं जमीन सम्बंधी विवाद, मारपीट तथा सायबर अपराध से सम्बंधित थी। पुलिस का दावा है कि जन सुनवाई में प्राप्त समस्त शिकायतों का त्वरित निराकरण समय सीमा मे करने हेतु सम्बंधित थाना प्रभारियों-राजपत्रित अधिकारियों को निर्देर्शित किया है। जनसुनवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अंजना तिवारी तथा नगर पुलिस अधीक्षक बरगी अंजुल अयंक मिश्रा एवं उप पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आकांक्षा उपाध्याय उपस्थित थीं।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

