अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के पर्यावरण विज्ञान विभाग स्थित सरयू प्रयोगशाला द्वारा प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम ऊषा) के अंतर्गत आयोजित “परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी एवं विश्लेषण” विषयक एक सप्ताहीय प्रशिक्षण 1 जून 2026 से आयोजित किया जा रहा है। विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों को वायु गुणवत्ता निगरानी एवं विश्लेषण की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 60 से अधिक प्रतिभागी विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से सहभागिता कर रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य विशेषज्ञ सहायक वैज्ञानिक अधिकारी, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन, भोपाल के डॉ. अमित कुमार मिश्रा ने वायु प्रदूषण की यात्रा उत्सर्जन से प्रभाव एवं शमन तक विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि वायु प्रदूषकों के विभिन्न स्रोतों, उनके वातावरण में परिवहन एवं प्रसार, मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव तथा प्रदूषण नियंत्रण एवं शमन की रणनीतियों का गहन अध्ययन आवश्यक हो गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन की आधुनिक अवधारणाओं पर भी बृहद वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है। अन्य विशेषज्ञ सीनियर प्रोग्राम मैनेजर (एयर क्वालिटी) भव्य शर्मा ने वायु प्रदूषण के अध्ययन एवं प्रबंधन से जुड़े केस स्टडी विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए भारत के विभिन्न शहरों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के सफल उदाहरणों तथा डेटा आधारित नीति निर्माण की प्रक्रियाओं का विश्लेषण किया। उन्होंने प्रतिभागियों को वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु बहु-क्षेत्रीय सहयोग और वैज्ञानिक अनुसंधान के महत्व से अवगत कराया। सत्र के व्याख्यान में प्रेसिडेंट, एनवायरोटेक प्राइवेट लिमिटेड, इंडिया के डॉ. बलबीर सिंह, द्वारा वायु प्रदूषण निगरानी में प्रयुक्त उन्नत उपकरणीय तकनीकें विषय पर दिया गया। उन्होंने गैस विश्लेषक, पार्टिकुलेट मॉनिटर, कैलिब्रेशन तकनीकों तथा नवीनतम स्वचालित निगरानी प्रणालियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। आधुनिक उपकरणों के संचालन, रखरखाव तथा वास्तविक समय वायु गुणवत्ता डेटा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी दिनों में विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा वायु प्रदूषण निगरानी, डेटा विश्लेषण, गुणवत्ता आश्वासन एवं गुणवत्ता नियंत्रण, उपकरणीय प्रशिक्षण तथा प्रयोगशाला आधारित व्यावहारिक सत्र आयोजित गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को वायु गुणवत्ता निगरानी एवं विश्लेषण की सैद्धांतिक तथा व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर उन्हें पर्यावरणीय अनुसंधान एवं प्रबंधन के क्षेत्र में दक्ष बनाना है। पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रवक्ता बृजेश कुमार यादव द्वारा परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी की मूलभूत अवधारणाएँ विषय पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी के सिद्धांत, विभिन्न वायु प्रदूषकों, राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानको का नमूना संग्रहण तकनीकों तथा पीएम 10 एवं पीएम 2.5 की निगरानी में प्रयुक्त उपकरणों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्रदान की। प्रतिभागियों में स्नातक, स्नातकोत्तर, शोधार्थी तथा पर्यावरण, विज्ञान एवं संबद्ध विषयों की विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से जुड़े विद्यार्थी शामिल हैं। कार्यक्रम प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के साथ संवाद, आधुनिक उपकरणों के व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा वायु गुणवत्ता विश्लेषण की नवीनतम तकनीकों को सीखने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रहा है। इस अवसर पर प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल, डॉ. विनोद कुमार चौधरी, डॉ. रुद्र प्रताप सिंह, डॉ. नवीन पटेल, तथा पर्यावरण विज्ञान विभाग के समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
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