अनूपपुर 3 जून (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के मरवाही वन मंडल अंतर्गत माडाकोट गांव के जंगल में बुधवार को चार हाथियों का समूह दिनभर विश्राम करता नजर आया। जानकारी के अनुसार यह समूह सुबह मरवाही वन परिक्षेत्र की गुल्लीडांड बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ 2025 स्थित वन तालाब के पास पहुंचा और पेड़ों की छांव में लेटकर आराम करता रहा। बताया गया कि यह हाथियों का समूह पिछले कई महीनों से छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश की सीमा से लगे वन क्षेत्रों में लगातार विचरण कर रहा है। इनमें से तीन हाथी लगभग 161 दिन पूर्व छत्तीसगढ़ के कटघोड़ा वन मंडल के जडग़ा वन परिक्षेत्र में मौजूद 50 से अधिक हाथियों के बड़े दल से अलग होकर स्वतंत्र रूप से घूम रहे थे। बाद में एक अन्य हाथी भी इनके साथ शामिल हो गया, जिसके बाद समूह में कुल चार हाथी हो गए।
यह हाथी दल छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र के साथ-साथ मध्यप्रदेश के अनूपपुर, शहडोल एवं डिंडोरी जिले की सीमाओं से लगे जंगलों में लगातार आवाजाही करता रहा है। करीब 17 दिन पूर्व यह समूह जैतहरी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत चोलना के गूजरनाला क्षेत्र से होकर पुन: छत्तीसगढ़ सीमा में प्रवेश कर गया था। इसके बाद हाथियों ने मरवाही वन परिक्षेत्र की घुसरिया बीट में लगभग 14 दिन बिताए। अब लगातार तीसरे दिन हाथियों का यह समूह गुल्लीडांड बीट के माडाकोट गांव से लगे वन क्षेत्र में देखा गया, जहां वे वन तालाब के समीप पेड़ों के नीचे आराम करते रहे।
वन विभाग लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। जिस स्थान पर हाथियों का समूह मौजूद है, वह मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले की जैतहरी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत चोलना की सीमा से लगभग 15 से 17 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

