भोपाल 4 जून (आरएनएस)। लिंक रोड नंबर-2 स्थित नगर निगम की बिल्डिंग के सेकंड फ्लोर पर एक महिला लिफ्ट में फंस गईं। करीब 20 मिनट तक महिला फंसी रही। जिसे निकालने में खासी मशक्कत करना पड़ी। लिफ्ट में ऑटो रेस्क्यू या बैकअप सिस्टम नहीं होने से स्थिति गंभीर हो गई। महिला जैसे ही लिफ्ट में घुसी, बिजली गुल हो गई थी।
मामला बुधवार शाम का है। 6 मई को इस बिल्डिंग का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण किया था। 73 करोड़ रुपए की लागत से बनी बिल्डिंग में लिफ्ट लगाई गई है। महिला कर्मचारी ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुई थीं।
इसी दौरान बिजली चली गई और लिफ्ट बीच रास्ते में अटक गई। कर्मचारी के फंसने की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने तकनीकी टीम के पहुंचने से पहले ही लिफ्ट का दरवाजा खोलने का प्रयास शुरू कर दिया।
नगर निगम की बिजली शाखा के कार्यपालन यंत्री आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि जब तकनीकी टीम मौके पर पहुंची, तब कुछ लोग चाबी और पेचकस की मदद से लिफ्ट का गेट खोलने का प्रयास कर रहे थे। टीम ने उन्हें रोका और लिफ्ट सिस्टम को रीसेट किया।
इसके बाद लगभग 10 मिनट में महिला कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाहर आने के बाद वह काफी घबराई हुई दिखाई दीं।
अधिकारियों के मुताबिक लिफ्ट में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, लेकिन बिजली बंद होने के कारण वह रुक गई थी। घटना के बाद करोड़ों रुपए की लागत से बने नए निगम मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
कर्मचारियों और नागरिकों का कहना है कि जब भवन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं, तो लिफ्ट में ऑटो बैकअप या ऑटो रेस्क्यू सिस्टम जैसी जरूरी सुविधाएं होना चाहिए थीं।

