कोरबा, 04 जून (आरएनएस)। जिले में डीजल चोरी के बड़े नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस विभाग के भीतर कथित सांठगांठ का मामला सामने आया है। खुलासे के बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए साइबर सेल के एक आरक्षक सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस द्वारा अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दीपका पुलिस ने डीजल चोरी गिरोह के फरार सरगना और इनामी बदमाश नवीन कश्यप को उसके साथियों पुरुषोत्तम और सब्बीर के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कुछ पुलिसकर्मियों से संपर्क और संरक्षण के बदले कथित रूप से वसूली किए जाने की जानकारी दी।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभागीय जांच शुरू की गई, जिसमें साइबर सेल में पदस्थ आरक्षक प्रशांत सिंह, कटघोरा थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक गोपाल यादव, तथा बांकीमोंगरा थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक राजेश कंवर और आरक्षक रोहित राठौर के नाम सामने आए। इसके बाद चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। लंबे समय से चल रहे डीजल चोरी के इस नेटवर्क की जानकारी स्थानीय स्तर पर क्यों नहीं मिल सकी और क्या संरक्षण का दायरा केवल चार पुलिसकर्मियों तक सीमित था या इसके तार कहीं और तक जुड़े हैं, इसकी जांच जारी है।
कोरबा जिले में डीजल, कबाड़ और अन्य अवैध कारोबारों को लेकर पहले भी पुलिस संरक्षण के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि इस कार्रवाई को विभागीय सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि अवैध कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हुए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में और किन लोगों की भूमिका सामने आती है।
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