० कलेक्टर ने कृषि, सहकारिता, मार्कफेड, नान, खाद्य एवं सीसीबी के अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
० दुकानों की जांच कर खाद के अवैध भण्डारण पर करें कार्यवाही
० एग्रीस्टेक पोर्टल में शत-प्रतिशत किसानों का हो पंजीयन
० खरीदी एवं संग्रहण केन्द्रों से 15 जून तक धान का उठाव करें सुनिश्चित
दुर्ग, 04 जून (आरएनएस)। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने विगत दिवस कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि, सहकारिता, मार्कफेड, नान, खाद्य एवं सीसीबी के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में खाद एवं बीज उपलब्धता की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जिले में खाद एवं बीज की उपलब्धता पर्याप्त है। एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत किसान खाद व बीज का अग्रीम उठाव कर रहे हैं। जिले की समितियों में खाद बीज भंडारण एवं वितरण की मॉनिटरिंग की जा रही है। कलेक्टर सिंह ने अधिकारियों से कहा कि समितियों में किसानों को खाद का वितरण समय पर हो यह सुनिश्चित किया जाए। किसानों को उपलब्ध कराए गए खाद के अलावा आवश्यकता के मुताबिक वैकल्पिक खाद नैनो युरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग हेतु कृषकों को प्रेरित किया जाए। नील हरित काई एवं हरित खाद ढेंचा के संबंध में भी किसानों को अवगत कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि खाद का अवैध भण्डारण एवं कालाबाजारी ना हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। जांच टीम गठित कर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में खरीफ 2026 हेतु कुल 67880 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 15910 मीट्रिक टन यूरिया, 2643 मीट्रिक टन डीएपी, 2919 मीट्रिक टन एनपीके, 4544 मीट्रिक टन एमओपी तथा 6956 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 32970 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया गया है एवं सेवा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को लगातार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 6054 मीट्रिक टन यूरिया, 2195 मीट्रिक टन डीएपी, 2042 मीट्रिक टन एनपीके, 2016 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3575 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 15882 मि.टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 9856 मीट्रिक टन यूरिया, 447 मीट्रिक टन डीएपी, 877 मीट्रिक टन एनपीके, 2528 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3381 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 17089 मि.टन उर्वरक शेष है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जिले में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का वितरण शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। फसलों की अवस्थाओं के आधार पर यूरिया की आवश्यकता 3 किस्तों में होती है इसलिए दीर्घ श्रेणी के कृषकों को केवल यूरिया दो किस्तों में उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है तथा लघु श्रेणी के कृषकों को यूरिया का वितरण उनके रकबे के आधार पर एकमुश्त की जा रही है।
इसी प्रकार जिले की सहकारी समितियों में धान एंव अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का उठाव और वितरण सुचारू रूप से जारी है। वर्तमान में जिले को सहकारी क्षेत्र के लिए 29827 क्वि. प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य है। जिसके विरूद्ध 31134 क्वि. बीज की उपलब्धता है और समितियों में 17013.40 क्वि. बीज का भण्डारित किया गया है जिसमें से 11066.40 क्वि. बीज वितरण किया जा चुका है। विभाग द्वारा नकली एंव घटिया खाद-बीज की बिक्री को रोकने के लिये उडऩदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है।
कलेक्टर सिंह ने धान उर्पाजन एवं संग्रहण केन्द्रों से धान के उठाव की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को 15 जून से पहले संर्पूण धान का उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी खरीदी केन्द्र में भौतिक रूप से धान नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कृषक पंजीयन के संबंध में कहा कि जिले के शत्-प्रतिशत किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर सिंह ने अनियमितता के कारण निरस्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों की जानकारी लेते हुए सभी एसडीएम को संबंधित क्षेत्र के रिक्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों के नवीन आबंटन हेतु विज्ञापन जारी करते हुए नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम वीरेन्द्र सिंह, एसडीएम दुर्ग ग्रामीण हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम पाटन लवकेश ध्रुव, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, एसडीएम भिलाई-3/भिलाई छावनी महेश राजपूत, एसडीएम दुर्ग शहर उत्तम ध्रुव, उप संचालक कृषि संदीप भोई, खाद्य नियंत्रक अनुराग भदोरिया, जिला विपणन अधिकारी राहुल कुमार, सीसीबी दुर्ग के सीईओ सुनील वर्मा, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सतीश पाटले, जिला प्रबंधक नान दीपिका जायसवाल, बीज प्रबंधक एस.के. बेहरा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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