गांधीनगर 05 June (Rns): गुजरात में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ राज्य सरकार और पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ के तहत पुलिस ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए 500 से ज्यादा अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर घुसपैठियों ने पश्चिम बंगाल की सीमा के रास्ते भारत में अवैध रूप से प्रवेश किया था। इस महाअभियान की सफलता पर राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने सख्त लहजे में कहा कि गुजरात के हर कोने से एक-एक घुसपैठिए को ढूंढ निकाला जाएगा, उन्हें कानून के दायरे में लाकर वापस बांग्लादेश डिपोर्ट (निर्वासित) किया जाएगा।
6,200 संदिग्धों का डेटाबेस तैयार, ऐसे बिछाया गया जाल
गुजरात पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बेहद हाई-टेक और वैज्ञानिक तरीका अपनाया। जांच में सामने आया है कि पुलिस ने बांग्लादेशी मोबाइल नंबरों के संपर्क में रहने वाले भारतीय सिम कार्डों और मोबाइल नंबरों का एक विशाल डेटाबेस तैयार किया था। इस डेटा एनालिसिस के जरिए पुलिस को 6,200 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में बेहद सटीक और पुख्ता जानकारियां हाथ लगीं। इसी खुफिया इनपुट के आधार पर गुरुवार सुबह 10 बजे तक राज्य भर से 501 अवैध नागरिकों को दबोच लिया गया।
फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले गिरोह पर कड़ा शिकंजा
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त शरद सिंघल ने मीडिया को इस ऑपरेशन की चौंकाने वाली जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद से गिरफ्तार किए गए 166 लोगों में से एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्होंने भारत में अवैध रूप से रहने के लिए फर्जी सरकारी पहचान पत्र और दस्तावेज तैयार करवा लिए थे। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इन विदेशी घुसपैठियों को भारत के फर्जी दस्तावेज मुहैया कराने के पीछे कौन सा बड़ा रैकेट काम कर रहा था और इसके स्थानीय मददगार कौन हैं।
30 टीमों ने घेरकर चलाया सर्च ऑपरेशन, अब होगी देश से बाहर भेजने की तैयारी
इस महा-ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अहमदाबाद क्राइम ब्रांच, साइबर ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस थानों की 30 से ज्यादा विशेष टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने एक साथ नरोदा, दानिलिमदा, वटवा, जुहापुरा और चंदोला झील जैसे संवेदनशील इलाकों को घेरकर सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के मुताबिक, पिछले साल चंदोला झील के पास हुई कार्रवाई के बाद कई घुसपैठिये वहां से भागकर शहर के दूसरे इलाकों में छिप गए थे, जिन्हें इस बार तकनीकी सर्विलांस की मदद से दबोच लिया गया। अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल सभी आरोपियों की राष्ट्रीयता और दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है, जिसके तुरंत बाद इन्हें वापस भेजने (निर्वासन) की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

