पटना/कोरिया 5 जून (आरएनएस) मास्टर चाबी से मिनटों में बाइक और ट्रैक्टर चोरी कर उन्हें गांवों में खपाने वाले अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। कोरिया जिले की पटना पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड सूर्यकांत राजवाड़े को गिरफ्तार कर उसके नेटवर्क का खुलासा किया है। कार्रवाई में चोरी की 10 मोटरसाइकिलें और करीब 7.50 लाख रुपये कीमत का महिंद्रा ट्रैक्टर बरामद किया गया है। इस खुलासे ने क्षेत्र में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं की परतें खोल दी हैं।
थाना पटना में दर्ज अपराध क्रमांक 149/2026, 153/2026, 157/2026, 158/2026 और 159/2026 समेत अन्य वाहन चोरी के मामलों की जांच के दौरान पुलिस को एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले थे। पुलिस अधीक्षक कोरिया के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी सूर्यकांत राजवाड़े को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने साथियों पवन प्रजापति, गिरजा सूर्यवंशी और जमील अंसारी के साथ मिलकर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह मास्टर चाबी की मदद से मोटरसाइकिलें चोरी करता था और बाद में उनके नंबर प्लेट, पैनल, बैटरी तथा अन्य पहचान योग्य हिस्सों को बदलकर या हटाकर उन्हें कम कीमत में बेच देता था अथवा किराये पर चलाने के लिए देता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सूर्यकांत राजवाड़े ने 28 मार्च 2026 की रात ग्राम कुचला निवासी तरुण कुमार सोलंकी के घर से महिंद्रा ट्रैक्टर चोरी किया था। चोरी के बाद ट्रैक्टर को उसने अपने रिश्तेदार ईश्वर प्रसाद, निवासी बरौल, जिला सूरजपुर के यहां छिपाकर रखा था। पुलिस ने दबिश देकर ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया। बरामद वाहन थाना पटना क्षेत्र के अलावा सूरजपुर जिले के देवनगर, भुवनेश्वरपुर, बरौल तथा अंबिकापुर के जोड़ा पीपल क्षेत्र से बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि गिरोह के संचालन में दो विधि-विरुद्ध बालकों का भी उपयोग किया जाता था। उनके संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का मानना है कि गिरोह द्वारा चोरी किए गए कुछ और वाहन अलग-अलग क्षेत्रों में छिपाकर रखे गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रमोद पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, प्रधान आरक्षक सत्येन्द्र तिवारी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक डिकेश्वर, साइबर आरक्षक राघवेन्द्र पुरी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल, वाहन चोर गिरोह पर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई ने अपराधियों को साफ संदेश दे दिया है कि चोरी की गाड़ी चाहे कितनी भी दूर क्यों न पहुंचा दी जाए, कानून की नजर आखिरकार उस तक पहुंच ही जाती है।

