०किसान के बेटे बारसे रोशन ने छुुआ आसमान, छ्वश्वश्व एडवांस में 634वीं रैंक
०कलेक्टर बोले-पूरी फीस उठाएगी सरकार
सुकमा, 05 जून (आरएनएस)। शिक्षा के क्षेत्र में सुदूर और वनांचल क्षेत्र सुकमा के एक छात्र ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विपरीत परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच रहने वाले एक साधारण किसान के बेटे ने साबित कर दिया है कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। सुकमा जिले के झापरा क्षेत्र के निवासी बारसे रोशन ने देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा छ्वश्वश्व एडवांस 2026 में कैटेगरी रैंक 634 हासिल कर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर छात्र का उत्साहवर्धन करने खुद कलेक्टर और जिला प्रशासन आगे आया है। तुंगल डेम में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में कलेक्टर अमित कुमार ने छात्र बारसे रोशन को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि रोशन की पढ़ाई के राह में पैसे कभी रोड़ा नहीं बनेंगे। जिला प्रशासन बारसे रोशन की उच्च शिक्षा की पूरी फीस का वहन करेगा, ताकि वह बिना किसी आर्थिक चिंता के देश के शीर्ष संस्थान में अपनी पढ़ाई पूरी कर सके।क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूÓ बन रहा है सुकमा के बच्चों का सारथीबारसे रोशन की यह बड़ी सफलता किसी जादू का परिणाम नहीं, बल्कि जिला प्रशासन की सोची-समझी दूरदर्शिता का नतीजा है। जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए कलेक्टर अमित कुमार और मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर के सीधे निर्देशन में ‘क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट का संचालन किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी जीआर मंडावी के मार्गदर्शन और नोडल अधिकारी आशीष राम के सतत पर्यवेक्षण में यह संस्थान सुकमा के आदिवासी और ग्रामीण बच्चों को ढ्ढढ्ढञ्ज और मेडिकल जैसी कठिन परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहा है।पर्दे के पीछे के वो नायक, जिन्होंने बदली सुकमा की तकदीरइस बड़ी सफलता के पीछे प्रशासन की प्रशासनिक दृढ़ता के साथ-साथ जमीनी स्तर पर काम कर रही टीम की मेहनत भी छिपी है। प्रबंधन की कमान संस्थान के मैनेजर सूरज सिंह ने दिन-रात मेहनत कर सुकमा में एक ऐसा अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार किया, जो आमतौर पर सिर्फ बड़े महानगरों में देखने को मिलता है। उनकी दूरदर्शिता से दूरस्थ गांवों के बच्चों को बड़े अवसर मिले।शक्षकों का समर्पण ‘क्षितिज संस्थान और ‘कैम्प अकैडमी यपुर के शिक्षक निधि चौहान, अभिषेक नाग, रजनीश पटेल और सोनम सिंह ने बच्चों को न सिर्फ किताबी ज्ञान दिया, बल्कि परीक्षा की सटीक रणनीति और हर मोड़ पर मोटिवेशन देकर राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा के लिए तैयार किया।खेती-किसानी करने वाले माता-पिता की आंखों में आंसू और गर्वबारसे रोशन के माता-पिता दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर परिवार का पेट पालते हैं। जब कलेक्टर ने खुद रोशन को सम्मानित किया और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी ली, तो माता-पिता की आंखें खुशी से छलक उठीं। रोशन और सुनील कुमार की यह सफलता आज सुकमा के हर उस बच्चे के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो अपनी गरीबी या पिछड़ेपन की वजह से बड़े सपने देखने से डरता था।प्रशासन के इस संवेदनशील और दूरदर्शी कदम की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। कलेक्टर, सीईओ और उनकी पूरी टीम ने दोनों छात्रों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि आने वाले सालों में सुकमा से ऐसे कई और ‘रोशनÓ निकलेंगे जो देश-दुनिया में जिले का नाम चमकाएंगे।
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