सुल्तानपुर ,06 जून(आरएनएस)। त्याग, भक्ति और वैराग्य का संदेश लेकर चल रही श्रीमद् भागवत कथा महापुराण के पांचवे दिन भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा व आनंद में शहरी गांव के लोग डूबे रहे कथा व्यास के प्रवचन व भक्ति में माहौल में जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया यहां महिलाओं किशोरियों महिलाओं में खास उत्साह देखने को मिला।
व्यासपीठ से आचार्य पं रामचंद्र मिश्र रामायणी ने पांचवें दिन श्री कृष्ण जन्मोत्सवष्भक्त ध्रुव की तपस्या और भक्त प्रह्लाद की अटल निष्ठाष् का प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथा सुनने के लिए सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय राज बाबू पूर्व कैबिनेट मंत्री जय नारायण तिवारी सोनभद्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरके मिश्रा भाजपा नेता विकास शुक्ला समेत सैकड़ो सामाजिक विभूतियां ग्रामीणों के साथ शामिल हुई। यहाँ कथा व्यास ने ध्रुव कथा सुनाते हुए कहा कि राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव को माता सुरुचि ने राजसिंहासन पर बैठने से रोक दिया था। पांच वर्ष के बालक ध्रुव ने जब अपनी मां सुनीति से पूछा तो मां ने कहा बेटा, भगवान की भक्ति करो, वही तुम्हें वो पद देंगे जो किसी ने नहीं पाया। ये सुनकर ध्रुव जंगल की ओर निकल पड़ा। महाराज जी ने भावुक होकर कहा आज के बच्चे 5 साल में मोबाइल मांगते हैं, ध्रुव ने 5 साल की उम्र में भगवान को मांग लिया। उन्होंने आगे बताया कि ध्रुव ने मधुवन में जाकर कठोर तपस्या शुरू की। पहले दिन सिर्फ फल खाए, फिर पत्ते, फिर हवा पर रहने लगा। नारद मुनि ने आकर उसे ? नमो भगवते वासुदायष् का मंत्र दिया। ध्रुव ने एक पैर पर खड़े होकर 6 महीने तक तपस्या की। उसकी तपस्या से तीनों लोक कांप गए। जब ध्रुव की तपस्या चरम पर पहुंची, तो भगवान विष्णु स्वयं शंख-चक्र-गदा-पद्म धारण करके प्रकट हो गए। भगवान ने ध्रुव से वरदान मांगने को कहा। ध्रुव बोला – प्रभु, मैं तो आपका दर्शन पाकर ही कृतार्थ हो गया, अब मुझे कुछ नहीं चाहिए। भगवान ने ध्रुव को अचल पद दिया ध्रुव तारा। आज भी आसमान में ध्रुव तारा अटल खड़ा है जैसे ध्रुव की भक्ति अटल थी। इसके पश्चात कथा व्यास के मुखारविंद से भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा का प्रसंग सुनाया गया इस दौरान लड्डू गोपाल को बधाई देने का सिलसिला जारी रहा भगवान के जन्मोत्सव पर संगीत की धुन पर कथा पंडाल में मौजूद श्रोता थिरकते नजर आए। यहां आए हुए सभी अतिथियों ने व्यास पीठ से आशीर्वाद लिया। मुख्य यजमान संतराम शुक्ल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

