चंडीगढ़ 07 june (rns) । हरियाणा प्रशासनिक हलके से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सूबे के तीन सीनियर आईएएस और एक आईएफएस अधिकारी के ठिकानों पर सीबीआई ने रविवार देर रात एक साथ छापेमारी की है। चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर समेत कुल छह जगहों पर यह कार्रवाई की गई है। यह पूरी रेड हरियाणा सरकार के आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के सरकारी फंड में हुई 661 करोड़ रुपये की भारी वित्तीय गड़बड़ी के मामले में की गई है। सीबीआई की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने हरियाणा कैडर के सीनियर आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल, मोहम्मद शाइन, प्रदीप कुमार और आईएफएस नवनीत कुमार श्रीवास्तव के सरकारी और निजी आवासों पर दबिश दी। इसके साथ ही नोएडा की एक प्राइवेट कंपनी मेसर्स विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। घंटों चली इस सर्चिंग के दौरान सीबीआई ने कई अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों को अपने कब्जे में ले लिया है।
जांच एजेंसी की शुरुआती तफ्तीश में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि इन रसूखदार अधिकारियों ने बैंक के कर्मचारियों के साथ सांठगांठ की थी। इसके बाद कथित रूप से फर्जी खाते खुलवाए गए और सरकारी पैसे को उन अनधिकृत अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि इस करोड़ों रुपये के खेल के बदले इन अफसरों को निजी तौर पर क्या-क्या फायदे या कमीशन मिले।

