नईदिल्ली,07 जून(आरएनएस)। नीट पेपर लीक से विवादों में आई राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। अब एनटीए जिन विशेषज्ञों से प्रश्न तैयार करवाएगी, उन्हें पता नहीं होगा कि वे किस परीक्षा का पेपर बना रहे हैं। एनटीए इन सवालों से एक बड़ा प्रश्न बैंक बनाएगी, जिसमें से कुछ सवालों को मुख्य परीक्षा के लिए चुने जाएगा। इससे विशेषज्ञों को भी नहीं पता होगा कि कौनसा सवाल परीक्षा में आएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, पेपर लीक में हुई गिरफ्तारियों से संकेत मिला है कि सवाल कुछ गोपनीय प्रक्रियाओं के पहले चरण के दौरान ही लीक हो गए थे। गिरफ्तार किए गए लोग पेपर सेट करने और अनुवाद करने में शामिल रहे थे। इसके बाद एनटीए ने नई व्यवस्था पर विचार करना शुरू किया है। पेपर लीक मामले में अनुवाद करने वालों की गिरफ्तारी के बाद एनटीए ने अनुवाद से जुड़ी प्रक्रिया में भी बदलाव करना चाहती है।
एक अधिकारी ने कहा, विशेषज्ञ को यह नहीं पता होना चाहिए कि सवाल नीट, जेईई या किसी अन्य परीक्षा के लिए है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक व्यक्ति को अंतिम पेपर की जानकारी न हो। हमारे पास 10,000 सवालों का बैंक हो सकता है। उसमें से फाइनल पेपर बनाया जा सकता है। तकनीक कठिनाई स्तर और सवालों के बंटवारे में मदद कर सकती है। पेपर जितने कम लोगों की नजर से गुजरे, उतना अच्छा है।
अधिकारी ने आगे कहा, अनुवादक का काम बस यह देखना होगा कि क्या अनुवाद ठीक है या नहीं। हम यह पक्का करना चाहते हैं कि अनुवादकों को यह पता न हो कि किस खास परीक्षा के लिए सवाल तैयार किया जा रहा है। उन्हें सिर्फ सवालों को वेरिफाई करना चाहिए, न कि पूरे प्रश्न पत्र को संभालना चाहिए। एनटीए ने पहले सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वह 85 प्रतिशत अनुवाद एआई से कराने की योजना बना रही है।
नीट- यूजी परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। पेपर लीक की सूचना मिलने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है, जिसने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुछ प्रोफेसर भी हैं, जो एनटीए में विशेषज्ञ थे या अनुवाद प्रक्रिया से जुड़े थे। अब ये परीक्षा दोबारा 21 जून को होगी।
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