कोलकाता,07 जून(आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर 4 बिंदुओं पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (बीजीबी) के बीच तनावपूर्ण गतिरोध अचानक समाप्त हो गया। यह टकराव रात भर चला और इसमें लगभग 40 बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे, जो शुक्रवार से ही अलग-अलग बिंदुओं पर फंसे हुए थे। शनिवार सुबह तक वे सभी वापस बांग्लादेश लौट गए थे। सबसे तीव्र गतिरोध कूच बिहार के मेखलीगंज के पनीशाला में हुआ था।
पिलर नंबर 134 पर हुई झड़प में कथित तौर पर 10 लोग फंस गए, क्योंकि बीजीबी ने उन्हें वापस लेने से इनकार कर दिया था। बीएसएफ का आरोप था कि उन्हें भारत से वापस धकेला जा रहा है। बीएसएफ ने फ्लैग मीटिंग का प्रस्ताव रखा, जिसे बीजीबी ने ठुकरा दिया। घंटों चले गतिरोध और शनिवार तड़के हुई एक बड़ी झड़प के बाद बीजीबी पीछे हट गई। बीएसएफ ने स्पष्ट किया कि फंसे हुए सभी लोग बांग्लादेश लौट गए।
तत्काल गतिरोधों के समाधान के बावजूद बीजीबी ने पिछले 24 घंटों में बीएसएफ द्वारा लोगों के वापस बांग्लादेश भेजने के 8 अलग-अलग प्रयासों को विफल करने का दावा किया है। बीजीबी द्वारा बताई गई घटनाओं में उत्तर 24 परगना और नादिया के पास जादबपुर सीमा पर 3 लोगों को रोका जाना, दक्षिण दिनाजपुर में करमुडांगा सीमा पर 17 लोगों को वापस भेजना और असम के धुबरी के पास बरखाता और पायाशोट्टीबारी सीमाओं पर 21 लोगों को रोका जाना शामिल है।
यह गतिरोध ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पहली बार बनी भाजपा सरकार ने अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने के अभियान में तेजी ला दी है। केंद्र सरकार ने ढाका को भी संदिग्ध अवैध प्रवासियों के सत्यापन में तेजी लाने और उन्हें निर्वासित करने का निर्देश दिया है। इसी पृष्ठभूमि में बीएसएफ ने सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी है।
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